Ramalinga Reddy : कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद जहां नई सरकार कामकाज संभालने में जुटी है, वहीं मंत्रिमंडल गठन के तुरंत बाद असंतोष की आवाज भी सुनाई देने लगी है. सरकार के गठन के कुछ ही दिनों के भीतर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. उनका कहना है कि उन्हें जिस प्रकार की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद थी, वैसा नहीं हुआ. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नहीं है.
सरकार के शुरुआती दिनों में सामने आया असंतोष
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया. इसी फैसले के बाद रामलिंगा रेड्डी ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की. उनका कहना है कि उन्हें सौंपा गया विभाग उनकी प्राथमिकताओं और पूर्व चर्चा से मेल नहीं खाता. यही वजह है कि उन्होंने मंत्री पद पर बने रहने को लेकर असहमति जताई है.
#WATCH | Bengaluru | Ramalinga Reddy resigns as Karnataka Minister, says, “I am still in the Congress party; I have not resigned from the party. I have been in the Congress party for the past 53 years. I have handled several responsibilities within the party.I have served as a… pic.twitter.com/5SnASNSpJl
— ANI (@ANI) June 5, 2026
बेंगलुरु से जुड़ी जिम्मेदारी की थी अपेक्षा
रामलिंगा रेड्डी का मानना है कि उनका राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव बेंगलुरु से जुड़े विकास कार्यों में अधिक उपयोगी हो सकता था. उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि शहर के विकास से संबंधित जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाएगी. लेकिन अंतिम सूची में उन्हें बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का विभाग दिया गया. इसी निर्णय ने उनके भीतर असंतोष पैदा किया.
प्रेस वार्ता में सुनाया अपना पक्ष
मीडिया से बातचीत के दौरान रेड्डी ने कहा कि उन्होंने किसी विशेष विभाग के लिए दबाव नहीं बनाया था. बावजूद इसके उन्हें लगा कि उनके साथ हुई चर्चा और अंतिम निर्णय में समानता नहीं रही. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मंत्री के रूप में काम जारी रखना उनके लिए कठिन हो गया है. उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति को वही जिम्मेदारी निभानी चाहिए जिसे वह पूरी निष्ठा से स्वीकार कर सके.
#WATCH | Bengaluru | On Ramalinga Reddy resigning as Karnataka Minister, state CM DK Shivakumar says, “Nothing to worry. He is a great friend. We are the closest friends among the Cabinet. We will sort out the problem.” pic.twitter.com/AQOQW2QQfY
— ANI (@ANI) June 5, 2026
नेतृत्व पर नहीं लगाया कोई आरोप
अपने फैसले के बावजूद रामलिंगा रेड्डी ने कांग्रेस नेतृत्व के प्रति सम्मान जताया. उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी किसी नेता से नहीं है. उन्होंने साफ किया कि न उन्हें सिद्धरमैया से शिकायत है, न मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से, न मल्लिकार्जुन खरगे से और न ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से. उनके अनुसार पूरा विवाद केवल विभागों के आवंटन तक सीमित है.
कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर लगाया विराम
इस्तीफे की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, लेकिन रेड्डी ने स्पष्ट कर दिया कि वह कांग्रेस के साथ बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी और विधायक पद से उनका कोई मतभेद नहीं है. वह संगठन में रहकर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे.
कर्नाटक में सरकार के गठन के कुछ ही दिनों के भीतर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है.#Karnataka #RamalingaReddy #DKShivakumar #Congress #PoliticalNews pic.twitter.com/WVSrQzlwuN
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‘वादे और फैसले में अंतर’ से बढ़ी नाराजगी
रामलिंगा रेड्डी ने दावा किया कि विभागों के बंटवारे से पहले हुई बातचीत में उन्हें अलग संकेत मिले थे. उनके अनुसार उन्हें बताया गया था कि बेंगलुरु विकास विभाग उनकी जिम्मेदारी हो सकता है. लेकिन जब विभागों की अंतिम सूची जारी हुई तो यह जिम्मेदारी किसी और को मिल गई. रेड्डी ने कहा कि इसी घटनाक्रम ने उन्हें सबसे अधिक निराश किया.
मुख्यमंत्री ने दिए समाधान के संकेत
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्थिति चिंताजनक नहीं है. उन्होंने रामलिंगा रेड्डी को अपना पुराना सहयोगी और करीबी मित्र बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों के बीच बातचीत होगी और जो भी असहमति है उसे दूर करने की कोशिश की जाएगी.
शिवकुमार ने भरोसा जताया कि यह मुद्दा आपसी संवाद से सुलझ जाएगा. उन्होंने कहा कि रामलिंगा रेड्डी वरिष्ठ नेता हैं और उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा. मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार और संगठन दोनों इस विषय का समाधान निकालने में सक्षम हैं.
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