Purnia Weather : पूर्णिया में मौसम का स्वरूप इन दिनों लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. आसमान में बादलों की मौजूदगी के बावजूद गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है. गुरुवार को भी जिले में तेज धूप और उमस का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की संभावना है. ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलने वालों को गर्म हवाओं और चिपचिपी उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है.
बादलों की आवाजाही से राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे सकती है, लेकिन फिलहाल इसके संकेत नहीं हैं. वातावरण में मौजूद नमी लोगों को और अधिक असहज बना सकती है, जबकि धूप की तीव्रता दिनभर बनी रहने का अनुमान है.
अगले 24 घंटे के मौसम की तस्वीर
मौसम संबंधी उपलब्ध संकेतों और पूर्वानुमान के आधार पर अगले 24 घंटे की स्थिति कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:
- तेज धूप का रहेगा दबदबा
दिन के समय सूर्य की तपिश काफी अधिक रह सकती है. बादलों की मौजूदगी के बावजूद गर्मी में विशेष कमी की संभावना नहीं है. - नमी बढ़ाएगी बेचैनी
वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से उमस अधिक महसूस होगी. इससे लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी का अनुभव हो सकता है. - बारिश की संभावना बेहद कम
गुरुवार और शुक्रवार के दौरान जिले में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है. व्यापक वर्षा या तेज आंधी के संकेत फिलहाल नहीं हैं. - गर्म हवाओं का असर जारी
बारिश नहीं होने के कारण दिन के समय गर्मी का प्रभाव बना रहेगा और तापमान ऊंचे स्तर पर रह सकता है. - स्थानीय स्तर पर गरज-चमक संभव
कुछ इलाकों में सीमित स्तर पर बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है.
सप्ताहांत में बदल सकता है मौसम
भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद शनिवार से जुड़ी हुई है. मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि सप्ताहांत में जिले के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है. इसी संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
यदि अनुमान के अनुसार वर्षा होती है तो तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है. इससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना है.
बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पूर्वी बिहार में सक्रिय मौसमी गतिविधियों का असर पूर्णिया के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है. हालांकि व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं मेघ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है.
इसी वजह से किसानों, खेतों में काम करने वाले लोगों और राहगीरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. यदि अचानक मौसम बदलता है और बादलों की गरज सुनाई दे तो खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाना बेहतर होगा.
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ओआरएस का सेवन करना और दोपहर की तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है.
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि गर्मी और उमस का असर इन पर अधिक पड़ सकता है.
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