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Bhagalpur Weather : भागलपुर में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल दिया. शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लगातार पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत महसूस हुई. हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह राहत ज्यादा देर तक स्थायी नहीं रहने वाली है, क्योंकि आने वाले दिनों में मौसम फिर से तेज रूप ले सकता है.
बारिश के साथ शुरू हुआ मौसम का नया दौर
सुबह के समय जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश की बौछारें पड़ीं और तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई. लोगों ने भीषण गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने इसे प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा बताया है, जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं.
6 से 10 जून तक बदलता रहेगा मौसम
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 6 जून से 10 जून तक भागलपुर जिले में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कभी तेज धूप तो कभी घने बादल और बारिश जैसी स्थिति बनी रहेगी. मौसम वैज्ञानिकों ने इसे अस्थिर मौसम पैटर्न बताया है.
तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है. ऐसे में खुले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
तापमान और नमी में हल्का उतार-चढ़ाव
आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. सुबह के समय हवा में नमी ज्यादा रहेगी, जबकि दोपहर में शुष्कता बढ़ सकती है. हवाओं की दिशा दक्षिण-पूर्वी बनी रहने की संभावना है.
मानसून को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित होने के संकेत हैं, जिसका असर वर्षा पर पड़ सकता है. इसके कारण बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि फिलहाल प्री-मानसून बारिश के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा.
गर्मी का असर अब फलों पर भी दिखने लगा
तेज गर्मी का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम की फसल पर भी दिखने लगा है. बाजार में आए कच्चे आम सामान्य समय से पहले ही पक जा रहे हैं और कई जगह वे तेजी से खराब भी हो रहे हैं. लोगों को इन्हें सुरक्षित रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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