BJP MLA Raju Singh: बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत नहीं मिल सकी. लंबे समय से चल रहे एक चर्चित फायरिंग मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए हिरासत में लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया. राजू सिंह को गैर इरादतन हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े प्रावधानों के तहत दोषसिद्ध माना गया है.
2018 की पार्टी में हुई फायरिंग से जुड़ा है मामला
मामले की जड़ें वर्ष 2018 के अंतिम दिन आयोजित एक समारोह से जुड़ी हैं. आरोपों के अनुसार नववर्ष के स्वागत के दौरान हुई फायरिंग में एक महिला चिकित्सक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
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करीब सात वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने राजू सिंह को दोषी माना, जबकि अन्य आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं मिलने की बात कही.
पत्नी समेत तीन आरोपियों को मिली राहत
इस प्रकरण में राजू सिंह के साथ उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह के नाम भी सामने आए थे. हालांकि अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद तीनों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया. अदालत का मानना था कि उनके खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण मौजूद नहीं हैं.
कई दलों में रहा है राजनीतिक सफर
राजू सिंह का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है. वे अलग-अलग समय में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ जुड़े रहे हैं और कई चुनाव भी लड़ चुके हैं. वर्तमान में वे भाजपा के टिकट पर साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी और विकासशील इंसान पार्टी के साथ भी काम किया. बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई.
मंत्री पद तक पहुंचा राजनीतिक करियर
राजू सिंह राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उनके परिवार का भी स्थानीय राजनीति में प्रभाव रहा है. उनके पिता कई बार पंचायत स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि रहे थे. इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच राजू सिंह ने भी क्षेत्रीय राजनीति से लेकर विधानसभा तक का सफर तय किया.
रेनू सिंह भी रह चुकी हैं विधान परिषद सदस्य
राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. वे पूर्व में विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं. क्षेत्रीय राजनीति में उनका भी प्रभाव माना जाता है. अदालत के ताजा फैसले में उन्हें सभी आरोपों से राहत मिल गई है.
फैसले के बाद बढ़ी सियासी हलचल
अदालत के निर्णय के बाद बिहार की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. दोषसिद्धि के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित सजा को लेकर नजरें टिकी हुई हैं. वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले के असर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
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