Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है. इसी क्रम में गया जी जिले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 89 स्कूलों के हेडमास्टरों के जून महीने का वेतन स्थगित कर दिया गया है. यह कार्रवाई छात्रों की अपार आईडी निर्माण में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई है.
अपार आईडी में लापरवाही पर विभाग की सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता की ओर से यह कार्रवाई की गई है. जानकारी के अनुसार बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की समीक्षा में पाया गया कि जिले के 89 विद्यालयों में छात्रों की अपार आईडी निर्माण की प्रगति बेहद धीमी है. कई स्कूलों में यह प्रगति 40 प्रतिशत से भी कम पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया.
89 स्कूलों के एचएम का जून वेतन रोका गया
लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले 89 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का जून 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. विभाग का कहना है कि कई बार निर्देश देने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया.
25 जून तक पूरा करना होगा लक्ष्य
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 25 जून तक सभी छात्र-छात्राओं की अपार आईडी बनाना अनिवार्य है. डीईओ ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं किया गया, तो आगे और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
कई स्कूलों की स्थिति बेहद खराब
जिले के कई स्कूलों में स्थिति चिंताजनक पाई गई है. कुछ विद्यालयों में अपार आईडी निर्माण की प्रगति 10 प्रतिशत से भी कम दर्ज की गई है. इनमें प्राथमिक विद्यालय नवागढ़ आमस में 7.0 प्रतिशत, सबल बिगहा डोभी में 8.4 प्रतिशत, नूरपुर राजो खाफ गुरुआ में 6.5 प्रतिशत और बभंडी वजीरगंज में केवल 2.5 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है.
अपार आईडी क्यों है जरूरी
अपार आईडी छात्रों के लिए एक यूनिक डिजिटल शैक्षणिक पहचान नंबर है, जिसके जरिए उनके पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाता है. यह सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक निगरानी प्रणाली का अहम हिस्सा है. विभाग अब 25 जून की डेडलाइन पर नजर बनाए हुए है.
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