Raushan Anand: रौशन आनंद ने बेऊर जेल से रिहाई के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई और इस पूरे मामले में उन्हें फंसाया गया. मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और कैमरे के सामने रोते नजर आए. उन्होंने दावा किया कि जेल में उनकी जान को खतरा था और उन्हें मारने की योजना बनाई जा रही थी. इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को भी इसी कथित साजिश से जोड़ते हुए जांच की मांग की.
जेल से रिहाई के बाद कोचिंग सेंटर पहुंचे
जेल से बाहर आने के तुरंत बाद रौशन आनंद अपने ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर पहुंचे. वहां पहले से बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे. उनके पहुंचते ही छात्रों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की. इस दौरान कुछ छात्रों ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी नारे लगाए. रौशन आनंद ने छात्रों और मीडिया के सामने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई कराई गई और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया.
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों में और किसके दबाव में यह कार्रवाई हुई. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पहले दर्ज मामलों में पुलिस के पास पर्याप्त समय था, फिर भी उचित कदम नहीं उठाए गए.
भाई की मौत और जांच की मांग
अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि यह मौत सामान्य नहीं थी और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि उनका भाई पूरी तरह स्वस्थ था और किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं था, इसलिए प्राकृतिक कारणों से मौत की बात पर उन्हें संदेह है. उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
आर्थिक लेन-देन और अन्य आरोप
रौशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कोल्ड स्टोरेज से जुड़े मामलों और अन्य आर्थिक लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी राशि का स्रोत क्या था और इसकी जांच जरूरी है. उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
CBI जांच और पोस्टमार्टम की मांग
उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत की जांच CBI से कराई जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने प्रिंस यादव के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग उठाई. उनका कहना था कि केवल निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है.
राजनीतिक संरक्षण के आरोप
रौशन आनंद ने यह भी दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण दूसरे पक्ष पर कार्रवाई नहीं हो रही है. हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक संरक्षण की वजह से जांच प्रभावित हो रही है.
न्याय की लड़ाई का ऐलान
रौशन आनंद ने कहा कि उन्होंने अपने भाई को खो दिया है और यह दर्द हमेशा रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे.
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