इस खबर में क्या है?
Abhishek Banerjee News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मोटर वाहन अधिनियम के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में कालीघाट थाना पुलिस द्वारा जारी नोटिस का समय पर जवाब नहीं मिलने के बाद अब उन्हें दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.
वीआईपी काफिले को लेकर हुई थी शिकायत
मामले की शुरुआत बागुईआटी निवासी राजीव सरकार की शिकायत से हुई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक बनर्जी के वीआईपी काफिले में शामिल एक वाहन पर दो सुरक्षाकर्मी चलती गाड़ी के बाहर लटककर यात्रा कर रहे थे. शिकायतकर्ता ने इसे यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी.
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शिकायत मिलने के बाद कालीघाट थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के लिए संबंधित वाहन के दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर नोटिस जारी किया था.
Abhishek Banerjee News: मोटर व्हीकल एक्ट की इन धाराओं का जिक्र
पुलिस ने इस मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 123 और धारा 184 का उल्लेख किया है. धारा 123 के तहत किसी व्यक्ति को वाहन के बाहर या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं है. वहीं धारा 184 लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने अथवा यात्रा करने से संबंधित है.
जवाब नहीं मिलने पर बढ़ेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटिस पर कोई जवाब नहीं मिलने के कारण अब दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा. यदि इसके बाद भी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा नहीं किए जाते हैं, तो कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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पहले से कई मामलों में जांच का सामना
अभिषेक बनर्जी पहले से ही विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के दायरे में हैं. कथित कोयला तस्करी और शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) उनसे पूछताछ कर चुके हैं. इसके अलावा विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी और चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित ‘डीजे’ बयान से जुड़े मामलों में भी उनके खिलाफ जांच जारी है. सीआईडी (CID) इस बयान से जुड़े मामले में उनकी आवाज का नमूना लेने की प्रक्रिया भी चला रही है.
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