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Gaya Ji News: गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार की शाम शुरू हुई बेचैनी देर रात खुशी में बदल गई. करीब 30 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय पीयूष कुमार को लगभग सात घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जैसे ही मासूम को बाहर निकाला गया, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, जबकि परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
बच्चे को बाहर निकालते ही प्राथमिक उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया. सफल रेस्क्यू के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग अभियान में जुटी टीमों की सराहना कर रहे हैं.
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शाम 6.28 बजे बोरवेल में गिरा था मासूम
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष कुमार खेलते-खेलते नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल में गिर गया. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और बच्चे को सुरक्षित निकालने की प्रार्थना करने लगे.
Gaya Ji News: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन ने संभाली कमान
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया. वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू समेत कई अधिकारी पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहे.
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करीब सात घंटे तक चले अभियान में रेस्क्यू टीम ने तकनीकी उपकरणों और सावधानी के साथ लगातार प्रयास जारी रखा. आखिरकार मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया.
ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
रेस्क्यू अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हुए. ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से मौके पर भेजे गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में चार खाली थे. इसे लेकर कुछ देर के लिए लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली. हालांकि प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं होने दी.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
सफल रेस्क्यू की हर ओर हो रही चर्चा
पीयूष के सुरक्षित बाहर आने के बाद पूरे फतेहपुर प्रखंड में राहत और खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और अभियान में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मियों के धैर्य, सूझबूझ और मेहनत की सराहना की. यह सफल रेस्क्यू अभियान अब पूरे गया जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.


