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JPSC में परीक्षा गड़बड़ी पर CID का बड़ा एक्शन, 7 ठिकानों पर छापेमारी; अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

JPSC CID Raid: जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने सबसे बड़ी कार्रवाई की है. मुख्यालय समेत सात ठिकानों पर छापेमारी कर कई डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त किए गए हैं. कार्रवाई के बीच अध्यक्ष एल खियांग्ते ने इस्तीफा भेज दिया, जबकि आठ लोगों से पूछताछ जारी है.

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JPSC CID Raid: जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने सबसे बड़ी कार्रवाई की है. मुख्यालय समेत सात ठिकानों पर छापेमारी कर कई डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त किए गए हैं. कार्रवाई के बीच अध्यक्ष एल खियांग्ते ने इस्तीफा भेज दिया, जबकि आठ लोगों से पूछताछ जारी है.

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JPSC CID Raid: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परीक्षा सिंडिकेट के आरोपों को लेकर मंगलवार को सीआईडी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की. सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी मुख्यालय सहित सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, आयोग के कई कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) से जुड़े परिसरों तक पहुंची. टीम ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इन्हें खंगालकर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.

फिलहाल जेपीएससी और टीडीपीएल से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. सीआईडी की कार्रवाई देर रात तक जारी रही.

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मुख्यमंत्री तक पहुंचीं शिकायतें, तब खुली जांच की फाइल

बताया जा रहा है कि पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. आयोग के एक सदस्य सहित कई लोगों ने सरकार को दस्तावेजों के साथ शिकायत भेजी थी. शिकायतों के आधार पर सरकार ने सीआईडी को जांच का निर्देश दिया. इसके बाद सीआईडी ने अपने थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और मंगलवार को एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी.

छापेमारी के बीच अध्यक्ष एल खियांग्ते ने छोड़ी कुर्सी

सीआईडी की कार्रवाई के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया. जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया. हालांकि राजभवन की ओर से देर शाम तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी.

1988 बैच के आईएएस अधिकारी एल खियांग्ते मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी के अध्यक्ष बनाए गए थे. आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों की जानकारी अध्यक्ष और उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तक ही सीमित रहती थी.

ब्लैकलिस्ट एजेंसी पर क्यों रहा JPSC का भरोसा?

जांच का सबसे अहम पहलू टीडीपीएल एजेंसी को लेकर है. 20 मई 2025 को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने परीक्षा अनियमितताओं के आरोप में टीडीपीएल को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार भी पहले इस कंपनी को काली सूची में डाल चुकी थी.

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इसके बावजूद जेपीएससी ने इस एजेंसी को न सिर्फ काम जारी रखा, बल्कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े लगभग सभी संवेदनशील कार्य भी इसी कंपनी को सौंप दिए. ऑनलाइन आवेदन से लेकर एडमिट कार्ड तैयार करने, प्रश्नपत्र छापने, ओएमआर शीट स्कैन करने, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग और अंतिम रिजल्ट तैयार करने तक का पूरा जिम्मा टीडीपीएल के पास था.

बताया जाता है कि कंपनी के निदेशक सतपाल सिंह और रणवीर सिंह हैं.

तबादले के बाद भी JPSC क्यों आती रहीं श्वेता गुप्ता?

सीआईडी की कार्रवाई के दौरान यह सवाल भी उठता रहा कि उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का करीब डेढ़ महीने पहले तबादला हो चुका था, फिर भी वह जेपीएससी में नियमित रूप से क्यों आ रही थीं. किसके निर्देश पर वह आयोग के कामकाज में सक्रिय थीं और उनकी भूमिका क्या थी, यह अब जांच का हिस्सा बन गया है.

मनोज तिवारी पर भी गंभीर आरोप

टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी के खिलाफ पहले ही कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं. नगड़ी निवासी एसएस शर्मा ने थाना, सीबीआई और ईडी सहित विभिन्न एजेंसियों से शिकायत कर आरोप लगाया था कि मनोज तिवारी जेपीएससी और जेएसएससी की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुआ.

शिकायत के अनुसार वह—

  • पीजीटीटीसीई-2023
  • जेएसएससी-सीजीएल-2023 (रैंक-2)
  • एसीएफ (पीटी)-2024
  • एमआरओ (पीटी)-2024
  • एफएसओ लिखित परीक्षा-2023

में सफल रहा. आरोप है कि वह कथित परीक्षा सिंडिकेट के लिए काम करता था. इन आरोपों की भी जांच की जा रही है.

350 से ज्यादा OMR शीट में हेराफेरी का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वन रेंज अधिकारी (FRO) परीक्षा की 350 से अधिक तथा सहायक वन संरक्षक (ACF) परीक्षा की 150 से ज्यादा ओएमआर शीट में हेराफेरी की गई. आरोप यह भी है कि कुछ अभ्यर्थियों से पहले ही शैक्षणिक प्रमाणपत्र, रद्द चेक, खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरित ए-4 शीट जमा करा ली गई थीं.

एक अन्य शिकायत में कहा गया कि 13 जुलाई 2025 को सहायक वनरक्षक पीटी परीक्षा में शामिल एक महिला अभ्यर्थी ने सिर्फ रोल नंबर भरकर ओएमआर शीट खाली छोड़ दी थी. बाद में होटल में उसकी ओएमआर शीट भरकर उसे परीक्षा में सफल करा दिया गया. सीआईडी इस आरोप की भी जांच कर रही है.

इन परीक्षाओं पर भी उठे सवाल

एल खियांग्ते के कार्यकाल में आयोजित कई परीक्षाएं विवादों के घेरे में आ गईं. इनमें—

  • सिविल सेवा परीक्षा-2025
  • फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती
  • सहायक वन संरक्षक भर्ती
  • झारखंड पात्रता परीक्षा
  • प्रोजेक्ट मैनेजर भर्ती
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन)
  • मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
  • एपीपी नियुक्ति परीक्षा

शामिल हैं.

JPSC का पुराना विवादों से नाता

जेपीएससी पहले भी कई भर्ती विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है. आयोग की सिविल सेवा, इंजीनियर, मार्केटिंग ऑफिसर समेत 18 भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच पहले से चल रही है. चौथी, पांचवीं और छठी सिविल सेवा परीक्षा, कार्यपालक अभियंता नियुक्ति सहित कई मामलों में आयोग को विरोध के बाद संशोधित परिणाम जारी करने पड़े. एडहॉक शिक्षकों से कॉपियों का मूल्यांकन कराने और ब्लैकलिस्ट कंपनी को परीक्षा का काम देने के आरोप भी लग चुके हैं. आयोग की अधिकांश भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले झारखंड हाईकोर्ट में लंबित हैं.

2024 में शुरू हुई थी पूरी कहानी

सूत्रों के अनुसार पूरे विवाद की शुरुआत 2024 में हुई थी. तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा ने टीडीपीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष को जानकारी दी थी. इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया. उनकी जगह श्वेता गुप्ता ने परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी संभाल ली. इसी दौरान टीडीपीएल का काम लगातार बढ़ता गया और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंच गईं. इसके बाद सरकार ने सीआईडी जांच के निर्देश दिए और अब पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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