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Prashant Kishor : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को एक साथ कई राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र और बिहार सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि अगर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) बिहार में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर आती है तो जन सुराज उसका स्वागत करेगा. साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को जनता के दबाव का नतीजा बताते हुए शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.
‘सरकार को चुनौती देने वालों के साथ खड़ा रहेगा जन सुराज’
प्रशांत किशोर ने कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ आवाज उठाएगा, जन सुराज उसका समर्थन करेगा. उनका कहना था कि यदि CJP बिहार में आकर छात्रों के हित में काम करती है तो उसका स्वागत किया जाएगा.
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Prashant Kishor : सोनम वांगचुक का किया बचाव
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह उनके व्यक्तिगत मित्र हैं. उन्होंने दावा किया कि लद्दाख में हिरासत के बाद सोनम वांगचुक को जयपुर जेल में कई महीनों तक रखा गया था. उन्होंने कहा कि छात्रों और सामाजिक मुद्दों पर वांगचुक पहले से सक्रिय रहे हैं, इसलिए किसी मंच से अपनी बात रखना पूरी तरह लोकतांत्रिक अधिकार है.
‘छात्र किसी नेता के लिए नहीं, अपने भविष्य के लिए लड़ रहे’
प्रशांत किशोर ने कहा कि मौजूदा आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम छात्रों और युवाओं का आंदोलन है. उनके मुताबिक छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक पर रोक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे हैं. लोकतंत्र में जनता जब दबाव बनाती है तो सरकारों को फैसले बदलने पड़ते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही की शुरुआत है. उनका दावा था कि जनता के दबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि विपक्ष भले कमजोर दिखे, लेकिन लोकतंत्र में जनता का विपक्ष कभी कमजोर नहीं होता.
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‘शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने, तभी होगा सुधार’
शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बजाय वैचारिक एजेंडे पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नए शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे पारदर्शी, कदाचारमुक्त और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे.
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