Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का शुभारंभ सोमवार से होगा. इससे पहले जिला प्रशासन ने मेला की तैयारियों को लगभग पूरा कर लिया है. प्रशासन का दावा है कि 99 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस बार सुलतानगंज से देवघर तक कांवरियों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है.
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रविवार को डीएम अलंकृता पांडेय, आयुक्त, आईजी, एसएसपी और एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का अंतिम निरीक्षण किया. बाबा अजगैवीनाथ मंदिर, नमामि गंगे घाट, कांवरिया पथ, कंट्रोल रूम, चिकित्सा शिविर, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया.
Shravani Mela 2026: 710 शौचालय और 150 अस्थायी टॉयलेट की व्यवस्था
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर पेयजल व स्वच्छता की व्यवस्था पूरी कर ली है. विभाग ने 710 पुरुष एवं महिला शौचालय, 10 दिव्यांग अनुकूल शौचालय, 30 यूरिनल और 150 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तैयार किए हैं. सभी शौचालयों में 24 घंटे पानी की सुविधा रहेगी. सीढ़ी घाट पर वीआईपी शौचालय भी बनाया गया है.
कांवरियों के लिए PHED की बड़ी तैयारी, 35 नए हैंडपंप और 24 घंटे पेयजल की व्यवस्था
35 नए हैंडपंप, दो वाटर एटीएम और 10 टैंकर
श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 35 नए हैंडपंप लगाए गए हैं. पूरे कांवरिया पथ पर फिल्टरयुक्त पेयजल की व्यवस्था रहेगी. जरूरत पड़ने पर जलापूर्ति के लिए 10 टैंकर तैनात किए गए हैं. इसके अलावा दो वाटर एटीएम भी लगाए गए हैं.
कमराय में बनी टेंट सिटी
कमराय में करीब 400 श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता वाली टेंट सिटी तैयार की गई है. कांवरिया पथ पर प्रत्येक पांच किलोमीटर पर विश्राम स्थल बनाए गए हैं, जहां पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.
स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा रहेगी अलर्ट
मेला अवधि में एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेंगी. आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा.
20 हजार कांवरियों ने भरा गंगाजल
रविवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रदोष तिथि पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया. पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण पूरा सुलतानगंज ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा.
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गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण
मेला शुरू होने से पहले नमामि गंगे घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया. 28 जुलाई से सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत होगी. प्रत्येक सोमवार को विभिन्न राज्यों के कलाकार प्रस्तुति देंगे. प्रशासन ड्रोन शो कराने की तैयारी भी कर रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इस बार जर्मन हैंगरों की संख्या भी बढ़ाई गई है.
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