JPSC-JSSC विवाद: झारखंड में परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को सरकार के भीतर ही अलग-अलग बयान सामने आने से भ्रम की स्थिति बन गई. दिन में सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए पांच मंत्रियों की कमेटी बनाए जाने की बात कही गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया.
सर्वदलीय बैठक में गूंजा छात्र आंदोलन, सीएम बोले- सरकार पूरे मामले पर गंभीर
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: On students' protest over examination issues, Jharkhand Finance Minister Radhakrishna Kishore says, “…No such committee has been constituted. A group of ministers, including Deepika Pandey Singh, Sudivya Kumar Sonu, Sanjay Prasad Yadav, and Chamra… pic.twitter.com/jYZ8yudedU
— ANI (@ANI) August 5, 2026
दरअसल, बुधवार दोपहर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा था कि सरकार ने छात्रों के साथ संवाद के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है. उनके बयान के बाद यह खबर तेजी से फैली कि सरकार आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने की तैयारी में है
देर रात वित्त मंत्री ने किया साफ
हालांकि, देर रात वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी. उन्होंने कहा कि छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने कोई कमेटी नहीं बनाई है.
उन्होंने बताया कि कुछ मंत्रियों का एक समूह जरूर बनाया गया है, लेकिन उसका मकसद केवल छात्र आंदोलन की स्थिति पर नजर रखना है. इस समूह में दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मंत्रियों को छात्रों के साथ औपचारिक वार्ता की जिम्मेदारी नहीं दी गई है.
‘सरकार का संदेश पहुंच चुका, अब फैसला छात्रों का’
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है. सरकार अपना संदेश छात्रों तक पहुंचा चुकी है और उनके हित में आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है. अब यह छात्रों पर निर्भर करेगा कि वे सरकार के साथ कब और किस रूप में बातचीत करना चाहते हैं.
दिन में क्या बोली थीं दीपिका पांडे सिंह?
इससे पहले मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा था कि सरकार बातचीत के जरिए विवाद का समाधान चाहती है. उन्होंने दावा किया था कि मंत्रियों की समिति गठित कर दी गई है और सरकार वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है. उनके इस बयान के बाद राज्यभर में यह चर्चा शुरू हो गई कि सरकार और छात्रों के बीच जल्द बातचीत हो सकती है.
अलग-अलग बयानों से बढ़ी सियासी चर्चा
एक ही दिन सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयानों ने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब यह देखना होगा कि सरकार आगे औपचारिक वार्ता की दिशा में कोई पहल करती है या छात्र आंदोलन अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहता है.
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