BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए TRE-4 को लेकर तस्वीर अब पहले से बड़ी होती दिख रही है. 32,388 पदों पर भर्ती की तैयारी के बीच शिक्षा विभाग ने जिलों से एक बार फिर खाली पदों का हिसाब मांग लिया है. अगर जिलों से सामने आए रिक्त पदों को TRE-4 में शामिल किया जाता है, तो भर्ती का आंकड़ा करीब 34 हजार या उससे भी ज्यादा पहुंच सकता है.
इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा नजर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के विषयवार पदों पर है. खासकर मैथ्स, फिजिक्स, कैमेस्ट्री और कॉमर्स में शिक्षकों की कमी को देखते हुए इन विषयों में अतिरिक्त पद जुड़ने की संभावना जताई जा रही है.
हाईकोर्ट में 388 पदों पर बंपर भर्ती, 10 अगस्त से शुरू होगा आवेदन; जानें फीस और पूरी डिटेल
32 हजार पद तय, लेकिन विभाग की नजर अब बची सीटों पर
TRE-4 के लिए शिक्षा विभाग पहले ही BPSC को 32,388 पदों की अधियाचना भेज चुका है. लेकिन TRE-3 के बाद भी अलग-अलग जिलों में कुछ पद खाली रह गए हैं. अब विभाग उन रिक्तियों को TRE-4 में शामिल करने की तैयारी कर रहा है.
इसके लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है. रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि वास्तविक रूप से कितनी सीटें और बढ़ सकती हैं. फिलहाल करीब 2 हजार अतिरिक्त पद जुड़ने की संभावना बताई जा रही है.
यानी मौजूदा 32,388 पदों के साथ अगर पूरी संभावित रिक्तियां जुड़ती हैं, तो TRE-4 की वैकेंसी 34 हजार के पार जा सकती है.
किस स्तर पर कितनी सीटें पहले से हैं?
TRE-4 की मौजूदा अधियाचना में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक के पद शामिल हैं. सबसे ज्यादा हिस्सेदारी कक्षा 11वीं और 12वीं के शिक्षकों की है.
मौजूदा 32,388 पदों का स्तरवार ब्योरा:
| कक्षा | पद |
|---|---|
| कक्षा 1 से 5 | 3,847 |
| कक्षा 6 से 8 | 8,563 |
| कक्षा 9 से 10 | 3,877 |
| कक्षा 11 से 12 | 16,101 |
कक्षा 11 और 12 के लिए 22 विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है. अब जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के बाद इसी स्तर पर कई विषयों की तस्वीर और बदल सकती है.
मैथ्स-साइंस और कॉमर्स वालों की क्यों बढ़ी उम्मीद?
TRE-4 में संभावित अतिरिक्त सीटों को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता उन अभ्यर्थियों में है, जिनके विषयों में सरकारी स्कूलों में पहले से कमी बनी हुई है.
कक्षा 9 से 12 तक राज्य में करीब 10 हजार स्कूल हैं. इनमें लगभग 7 हजार स्कूलों में मैथ्स, फिजिक्स और कैमेस्ट्री के शिक्षकों की कमी होने की बात सामने आई है. ऐसे में जिलों से मिलने वाली नई रिक्तियों में इन विषयों की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण हो सकती है.
कॉमर्स के अलावा बंगला, पाली, प्राकृत, मैथिली और भोजपुरी जैसे विषयों के खाली पदों का आंकड़ा भी विभाग जुटा रहा है. इसलिए सिर्फ कुल सीटों की संख्या ही नहीं, बल्कि विषयवार वैकेंसी TRE-4 के अभ्यर्थियों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है.
विभाग सिर्फ खाली पद नहीं गिन रहा
इस बार जिलों से मांगी गई जानकारी का दायरा केवल मौजूदा रिक्तियों तक सीमित नहीं है. शिक्षा विभाग छात्रों की संख्या और आने वाले समय में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों का आंकड़ा भी जुटा रहा है.
इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन स्कूलों और विषयों में शिक्षकों की वास्तविक जरूरत है. जिलों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही TRE-4 की संशोधित वैकेंसी की तस्वीर सामने आएगी.
इस महीने की ये तारीखें हैं बेहद खास, देखें छुट्टियों और महत्वपूर्ण दिनों की लिस्ट
TRE-1 से TRE-3 तक 2.55 लाख के करीब नियुक्तियां
बिहार में शिक्षक भर्ती के तीन चरणों के जरिए पहले ही बड़ी संख्या में नियुक्तियां हो चुकी हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार TRE-1 में करीब 1.20 लाख, TRE-2 में करीब 70 हजार और TRE-3 में 66,603 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई.
तीनों चरणों को मिलाकर करीब 2.55 लाख शिक्षकों को नियुक्ति मिल चुकी है. अब TRE-4 में कितने पद जुड़ते हैं, इस पर अभ्यर्थियों की नजर है.
अंतिम वैकेंसी पर अभी फैसला बाकी
फिलहाल TRE-4 के लिए 32,388 पद तय हैं. करीब 2 हजार अतिरिक्त पद जुड़ने की संभावना है, लेकिन इसे अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता. जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग अतिरिक्त रिक्तियों की संख्या तय करेगा.
इस रिपोर्ट में यह भी सामने आएगा कि किस जिले में कितने पद खाली हैं और किन विषयों में सबसे ज्यादा शिक्षकों की जरूरत है. इसके बाद TRE-4 की संशोधित वैकेंसी का वास्तविक आंकड़ा स्पष्ट होगा.
अर्थात अभी अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा अपडेट यह है कि TRE-4 की भर्ती 32,388 पदों तक सीमित रहने की संभावना नहीं दिख रही है. अगर प्रस्तावित अतिरिक्त रिक्तियां शामिल होती हैं, तो कुल पद 34 हजार के पार जा सकते हैं, जिसका सबसे बड़ा असर विषयवार वैकेंसी में देखने को मिल सकता है.



