JPSC Case Shweta Gupta Suspended: जेपीएससी मामले में गिरफ्तार उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को आखिरकार निलंबित कर दिया गया है. उनकी गिरफ्तारी के 34 दिन बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सोमवार को निलंबन की अधिसूचना जारी की.
15 दिन के लिए जेपीएससी आयीं, 13वें दिन पहुंचीं जेल
श्वेता गुप्ता को खाद्य आपूर्ति विभाग में योगदान के बाद दोबारा जेपीएससी में 15 दिनों के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था. लेकिन प्रतिनियुक्ति के 13 दिन बाद ही सीआइडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 22 जुलाई से वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं.
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गिरफ्तारी के बाद भी अटकी रही निलंबन की कार्रवाई
श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद उनके निलंबन की कार्रवाई तत्काल नहीं हो सकी. कार्मिक विभाग को उनकी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत की अधिकृत सूचना मिलने में काफी समय लग गया. सूचना मिलने के बाद विभाग ने अब निलंबन का आदेश जारी किया है.
48 घंटे की हिरासत पर निलंबन का नियम
सरकारी सेवक के 48 घंटे तक न्यायिक हिरासत में रहने पर निलंबन का प्रावधान है. ऐसे में श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद यह कार्रवाई पहले ही हो जानी थी, लेकिन आधिकारिक सूचना नहीं मिलने के कारण मामला लंबित रहा.
दो साल से अधिक जेपीएससी में रह चुकी हैं श्वेता
श्वेता गुप्ता झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं. वह इससे पहले दो साल से अधिक समय तक जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर रह चुकी हैं. इसके बाद उनका तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में किया गया था.
खाद्य आपूर्ति विभाग में योगदान नहीं करने पर कार्मिक विभाग ने उन्हें पत्र भेजा था. निर्देश के बाद उन्होंने वहां योगदान किया और इसके बाद उन्हें फिर जेपीएससी में प्रतिनियुक्त कर दिया गया.
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