Durga Puja 2026: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से लेकर काली पूजा, दीपावली और छठ पूजा तक डीजे व तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा. जिला प्रशासन और पुलिस ने पूजा समितियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने पर केवल आयोजकों ही नहीं, बल्कि साउंड सिस्टम के मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी. दूसरी ओर, कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान 31 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात करने की तैयारी की गयी है.
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DJ और हाई-वॉल्यूम साउंड सिस्टम पर पूरी तरह रोक
पश्चिम मेदिनीपुर के बेलदा थाना क्षेत्र में आयोजित पूजा समन्वय बैठक में पुलिस ने साफ कर दिया कि दुर्गा पूजा से छठ पूजा तक किसी भी आयोजन में डीजे या तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम की अनुमति नहीं होगी. एसडीपीओ आनंद मंडल ने कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
आयोजक ही नहीं, साउंड सिस्टम मालिक भी होंगे जिम्मेदार
पुलिस ने बताया कि अदालत के निर्देशों और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर संबंधित पूजा समिति के साथ-साथ साउंड सिस्टम उपलब्ध कराने वाले मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काली पूजा, दीपावली और छठ पूजा पर भी समान रूप से लागू होगा.
पूजा समितियों को दिये गये ये अहम निर्देश
बेलदा ऑडिटोरियम हॉल में हुई बैठक में प्रशासन, बिजली विभाग, दमकल विभाग और विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस दौरान पंडालों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त रोशनी, आपातकालीन प्रबंधन और यातायात व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी.
कोलकाता में 31 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने बताया कि राजधानी में दुर्गा पूजा के दौरान कुल 31,000 लोग सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे. इनमें 10,000 पुलिस कर्मी और 21,000 अस्थायी होमगार्ड व एनसीसी कैडेट्स शामिल होंगे.
उन्होंने पूजा आयोजकों को पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाने, भीड़ प्रबंधन मजबूत रखने, बारिश से जुड़ी आकस्मिक परिस्थितियों की तैयारी करने और चंदा संग्रह के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं पहुंचाने के निर्देश भी दिये.
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