Sandis Compound Stadium : सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम को लेकर चल रहे विवाद में अब मामला केवल खेल मैदान का नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड और अधिकार के दावे तक पहुंच गया है. भागलपुर फुटबॉल एवं एथलेटिक्स एसोसिएशन ने 30 जून 2000 के स्वीकृति पत्र, मासिक किराया भुगतान और स्मार्ट सिटी के दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया है कि सैंडिस हमेशा से बहुउद्देशीय खेल मैदान रहा है.
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि फुटबॉल गोलपोस्ट और फेंसिंग हटाकर मैदान को केवल क्रिकेट के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है. इसके विरोध में संगठन ने पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करने और जरूरत पड़ने पर आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है.
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Sandis Compound Stadium: सरकारी दस्तावेजों के आधार पर एसोसिएशन का दावा
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोक सूचना पदाधिकारी सह वरीय उपसमाहर्ता, जिला सामान्य शाखा भागलपुर की ओर से 30 जून 2000 को जारी स्वीकृति पत्र में सैंडिस कंपाउंड के बहुउद्देशीय उपयोग की स्थिति स्पष्ट है.
एसोसिएशन का कहना है कि वह मैदान के उपयोग के बदले 725 रुपये प्रतिमाह सरकारी खाते में किराया भी जमा करता रहा है. ऐसे में मैदान को केवल एक खेल के लिए आरक्षित करने का कोई वैध आधार नहीं है.
गोलपोस्ट और फेंसिंग हटाने पर गंभीर आरोप
एथलेटिक्स संघ के सचिव नसर आलम, फुटबॉल सचिव फारूक आजम, रणवीर मिश्रा और राजेंद्र प्रसाद ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में कुछ विशेष हितों को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल के गोलपोस्ट और फेंसिंग की जालियां हटाई गईं.
एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदलाल राय की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में सदस्यों ने कहा कि सैंडिस कंपाउंड वर्षों से फुटबॉल, एथलेटिक्स और क्रिकेट समेत कई खेलों का साझा मैदान रहा है और इसकी मूल पहचान को बदला नहीं जाना चाहिए.
स्मार्ट सिटी के पत्र का भी दिया हवाला
एसोसिएशन ने बताया कि 6 अगस्त 2026 को स्मार्ट सिटी भागलपुर की ओर से जारी पत्र और 7 मई 2026 की पूर्व जिलाधिकारी की कार्यवाही में भी कहीं यह उल्लेख नहीं है कि सैंडिस कंपाउंड को केवल क्रिकेट मैदान घोषित किया गया है.
पदाधिकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद फुटबॉल और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के अभ्यास तथा प्रवेश पर असर पड़ रहा है.
हाईकोर्ट की शरण लेने का सर्वसम्मत निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि मामले में समुचित न्याय के लिए जल्द ही पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी. एसोसिएशन का कहना है कि यदि फुटबॉल और एथलेटिक्स की गतिविधियां बंद होती हैं तो भागलपुर के हजारों खिलाड़ियों के सामने अभ्यास का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा.
घेराव और धरना की भी चेतावनी
भागलपुर फुटबॉल एवं एथलेटिक्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सैंडिस कंपाउंड में सभी खेलों का संचालन पहले की तरह बहाल नहीं हुआ तो विभिन्न खेल संगठनों के साथ मिलकर स्टेडियम का घेराव और धरना दिया जाएगा.
प्रेस वार्ता में पवन फौजी, सादिक हसन, मोहम्मद मुराद, विजय सिंह, प्रमोद कुमार, राजा कुमार, आकाश कुमार, स्नेहा मरांडी, सौरभ कुमार, मोहम्मद गुलरेज, फैसल खान, मनोज मंडल, अमरजीत कुमार और कार्यालय सचिव असर आलम अच्छू समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे.



