Vikramshila Setu : पूर्वी और उत्तरी बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर 30 सितंबर की रात 12 बजे के बाद वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद हो जायेगा. करीब तीन माह तक सेतु पर आवागमन बंद रहने के दौरान यात्रियों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. सेतु बंद होने के बाद बियाडा घाट से फेरी सेवा शुरू की जायेगी, जिससे यात्री गंगा पार कर सकेंगे.
खास बात यह है कि यात्री फेरी से साइकिल और मोटरसाइकिल भी साथ ले जा सकेंगे. प्रति यात्री 30 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन यात्रियों से इसका भुगतान नहीं लिया जायेगा. यह राशि सरकार सेवा प्रदाता को देगी.
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Vikramshila Setu : बाबूपुर घाट से बड़े वाहनों के लिए भी व्यवस्था
सेतु बंद रहने के दौरान सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि चार पहिया और उससे बड़े वाहनों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. इसके लिए बाबूपुर घाट से सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी है.
डीएम अलंकृता पांडेय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सेतु बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था समेत सभी पहलुओं की बारीकी से तैयारी करने का निर्देश दिया है.
30 सितंबर के बाद तीन माह बंद रहेगा सेतु
सेतु पर यातायात बंद होने में अब महज दो दिन बाकी हैं. 30 सितंबर की रात 12 बजे के बाद वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा. इसके बाद करीब तीन माह तक सेतु पर आवागमन बंद रहेगा. इसी अवधि में सेतु के पुनर्स्थापन का काम कराया जायेगा.
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एक अक्टूबर से बेली ब्रिज को खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके बाद सेतु के चार स्पैन को हटाकर नये स्टील गर्डर और डेक स्लैब लगाने का काम किया जायेगा.
10 दिन में बेली ब्रिज हटाने की तैयारी
बेली ब्रिज को हटाने में करीब 10 दिन लगने की संभावना है. इसे हटाने के बाद पूरे स्ट्रक्चर की जांच की जायेगी. जांच पूरी होने के बाद चार स्पैन को काटकर हटाया जायेगा.
इसके लिए हैली कटर मशीन मंगायी जा रही है. निर्धारित योजना के अनुसार मशीन से स्लैब को काटकर हटाने का काम किया जायेगा.
जनवरी तक पूरा करना है पुनर्स्थापन का काम
चार स्पैन हटाने के बाद डिजाइन के अनुसार स्टील गर्डर और डेक स्लैब लगाने का काम शुरू होगा. इसके बाद पीसीसी का काम कराया जायेगा. पुनर्स्थापन से जुड़े सभी कार्य जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
काम में किसी तरह की अड़चन नहीं आये, इसके लिए एजेंसी ने अलग टीम तैयार की है. इसमें गुवाहाटी और पटना के सेतु पर काम करा चुके इंजीनियरों को शामिल किया गया है.
फेरी से मुफ्त होगी गंगा पार की यात्रा
बियाडा घाट से शुरू होने वाली फेरी सेवा में यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा. प्रति यात्री 30 रुपये शुल्क निर्धारित है, लेकिन इस राशि का भुगतान सरकार सेवा प्रदाता को करेगी. यात्रियों के लिए नदी पार करने की सेवा नि:शुल्क रहेगी.
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