🟡 Gold (10g) : ₹ 1,28,376.64 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 1,89,828.53 💵 USD / INR : ₹ 96.01 📈 Sensex : 72,880.95 (-1.37%) 📊 Nifty 50 : 22,780.25 (-1.56%)
🟡 Gold (10g) : ₹ 1,28,376.64 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 1,89,828.53 💵 USD / INR : ₹ 96.01 📈 Sensex : 72,880.95 (-1.37%) 📊 Nifty 50 : 22,780.25 (-1.56%)
विज्ञापन

वायरल वीडियो

उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर तनाव, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

Ujjain Shahi Masjid Dispute : सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाने की योजना के विरोध में सोमवार को तनाव बढ़ा. भीड़ के पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

विज्ञापन

Ujjain Shahi Masjid Dispute : सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाने की योजना के विरोध में सोमवार को तनाव बढ़ा. भीड़ के पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

विज्ञापन

Ujjain Shahi Masjid Dispute : उज्जैन में शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने की प्रशासन की योजना को लेकर सोमवार को माहौल बिगड़ गया. सिंहस्थ-2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण की योजना के विरोध में लोग मौके पर जुटे थे. इसी दौरान पुलिस और भीड़ के बीच तनाव बढ़ा और पथराव की स्थिति बन गई. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. एहतियात के तौर पर इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

मस्जिद हटाने की आशंका से रात में ही जुटे लोग

शाही मस्जिद को हटाए जाने की आशंका को लेकर रविवार रात से स्थानीय लोगों और मुस्लिम समुदाय के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे थे. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंचे और लोगों से बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया.

पुलिस का कहना था कि तत्काल मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जा रही है. अधिकारियों की कोशिश बातचीत के जरिए समाधान निकालने की थी. हालांकि सोमवार सुबह भी मौके पर लोगों की मौजूदगी बनी रही.

पथराव के बाद पुलिस की कार्रवाई

सोमवार को विरोध के बीच हालात बिगड़ने लगे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया.

इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

मीडिया रिपोर्टों में मुस्लिम समुदाय के भीतर इस मुद्दे पर दो पक्ष होने की बात कही गई है. एक पक्ष मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने के पक्ष में है, जबकि दूसरा इसका विरोध कर रहा है. इसी बीच मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने शाही मस्जिद का एक हिस्सा खुद तोड़ना शुरू कर दिया.

900 मीटर सड़क से जुड़ा है विवाद

शाही मस्जिद उज्जैन के गोपाल मंदिर क्षेत्र में स्थित है. सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कांठल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है.

प्रशासन के मुताबिक सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे. गोपाल मंदिर वाला मार्ग शहर के व्यस्त और संकरे रास्तों में शामिल है. सड़क चौड़ी करने की योजना यातायात को सुचारु रखने और भीड़ का दबाव कम करने के लिए बनाई गई है.

प्रस्तावित सड़क की जद में कई धार्मिक स्थल हैं. प्रशासन के अनुसार कई जगहों पर आपसी सहमति से बदलाव किया जा चुका है, लेकिन शाही मस्जिद के हिस्से को लेकर विवाद बना हुआ है.

मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे

शाही मस्जिद के इमाम के अनुसार मस्जिद करीब 636 साल पुरानी है और इसका संबंध वर्ष 1390 से है. याचिकाकर्ताओं ने इसे 100 साल से अधिक पुराना और ऐतिहासिक बताया है.

इसके लिए 17 मार्च 1925 को सिंधिया राजघराने, टाउन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्वालियर सरकार लश्कर के चेयरमैन की ओर से शहर काजी को भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया है.

मस्जिद प्रबंधन का कहना है कि वर्ष 1975 में सड़क और यातायात के लिए जमीन दी गई थी. मध्य प्रदेश सरकार के 13 सितंबर 1985 के राजपत्र में मस्जिद और उसके माप का उल्लेख होने की बात भी प्रबंधन ने कही है.

हाईकोर्ट में दायर हुई थीं दो याचिकाएं

नगर निगम के नोटिस के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दो याचिकाएं दायर की गई थीं.

इसे भी पढ़ें-यूपी से आंध्र प्रदेश तक हाहाकार, कहीं शहर डूबे तो कहीं पहाड़ धंसे; बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में अलर्ट

पहली याचिका अशफाक अहमद और दूसरी अरशान हुसैन की ओर से दायर की गई थी. दोनों मामलों की सुनवाई एकल पीठ के न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट ने एक साथ की.

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं. विस्तृत औपचारिक आदेश अभी जारी नहीं हुआ है.

सड़क की जद में मंदिर और CM का घर भी

सड़क चौड़ीकरण की इसी योजना से खड़े हनुमान मंदिर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक घर का हिस्सा भी प्रभावित हो रहा है.

करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और स्थानीय स्तर पर इसका विरोध भी हुआ है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक घर का 2.90 मीटर हिस्सा भी योजना की जद में है. मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर पूजा की और खुद गेती चलाकर घर के प्रभावित हिस्से को तोड़ा. यह घर उनके बचपन से जुड़ा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक उनके दादा ने इसे वर्ष 1974 में बनवाया था.

मुख्यमंत्री की बहन कलावती यादव के घर का हिस्सा भी प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के प्रभाव क्षेत्र में आ रहा है.

इसे भी पढ़ें-

बैंक हड़ताल टली, अब शनिवार की छुट्टी पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति; IBA-UFBU में बनी सहमति
बैंककर्मियों ने आंदोलन कमजोर करने का लगाया आरोप?, कल से तीन दिनों तक बैंकों में लटके रहेंगे ताले
हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे बैंक, RBI का बड़ा कदम
विज्ञापन
Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
✉ HelloCities24
जरूरी खबरें और खास अपडेट, सीधे आपके इनबॉक्स में
देश-दुनिया की अहम खबरें और चुनिंदा अपडेट अब सीधे आपके ईमेल पर।
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

विज्ञापन
Patna
scattered clouds
31.9 ° C
31.9 °
31.9 °
62%
3.8m/s
36%
सोम
32 °
मंगल
32 °
बुध
34 °
गुरु
34 °
शुक्र
34 °

अन्य खबरें