CJP Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दावे के बीच रोहिणी आचार्य ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट साझा कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की मांग की.
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डराओ मत, धमकाओ मत, अब देश जाग चुका है, तानाशाही के ख़िलाफ़ देश का युवा अब सडकों पर आ चुका है।
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) October 10, 2026
रोहिणी आचार्य ने अपने एक पोस्ट में लिखा, ‘कितने युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को सलाखों में डालोगे. क्रांति की उठती इस लहर को कब तक रोक पाओगे?’ उन्होंने कहा कि डराने और धमकाने से युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. उनके मुताबिक, देश का युवा तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतर चुका है.
ध्रुव राठी समेत कई लोगों को हिरासत में लेने का दावा
प्रदर्शन के दौरान सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव को फ्लाइट में ही हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी डिटेन किए जाने का दावा किया गया. इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
‘देश के हर कोने में मिलेंगे कई ध्रुव राठी और सौरभ’
रोहिणी आचार्य ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘सच बोलने वाली आवाज को जब-जब तुम दबाओगे. देश के हर कोने में तुम कई ध्रुव राठी और सौरभ पाओगे’. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के जरिए सरकार आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है.
सच का सामना करने से डरती – घबराती तानाशाह मोदी सरकार ..बेबाकी से सच बोलने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका एवं अन्य युवा आंदोलनकारियों – प्रदर्शनकारियों की मोदी-शाह के इशारे पर की गयी गिरफ्तारी और दिल्ली प्रवेश पर पाबंदी मोदी सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है।शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आ रहे प्रदर्शनकारियों एवं लोगों को दिल्ली की सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है। जंतर-मंतर के प्रदर्शन से घबराकर की गई नाकेबंदी, बैरिकेडिंग और दमनकारी कदम से ये साबित होता कि मोदी सरकार अपने खिलाफ उभरे जायज़ असंतोष से भयभीत है ।मैं इन सभी असंवैधानिक गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा करती हूँ और सभी आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग करती हूँ।
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) October 10, 2026
एक अन्य पोस्ट में रोहिणी ने ध्रुव राठी, सीजेपी के अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य युवा आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी तथा दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी को मोदी-शाह के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण करार दिया.
संविधान के अनुच्छेद 19 का उठाया सवाल
रोहिणी आचार्य ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे लोगों को राजधानी की सीमाओं या एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिली स्वतंत्रता का उल्लंघन है. उन्होंने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की कार्रवाई की निंदा करते हुए उनकी रिहाई की मांग की.
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