Purnia News: पूर्णिया के लाइन बाजार में पांच माह की गर्भवती महिला का कथित तौर पर जबरन गर्भपात कराने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पीड़िता ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और गर्भवती होने के बाद जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है. मामले में दो डॉक्टरों की भूमिका भी जांच के घेरे में है और संबंधित दो क्लीनिकों को सील करने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अब चिकित्सीय रिपोर्ट, न्यायालय में दर्ज बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.
मेधावी छात्रों को मिली छात्रवृत्ति और साइकिल, 16 विद्यार्थियों को मिला लाभ
Purnia News : एसएसपी के जनता दरबार में शिकायत के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले की शुरुआत एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के जनता दरबार में पीड़िता की लिखित शिकायत से हुई. क्राइम ब्रांच की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. पांच माह की गर्भवती होने पर कथित तौर पर उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया.
शिकायत के आधार पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. इसके बाद डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा और महिला थाना की टीम को शामिल कर विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने इस मामले में मधेपुरा निवासी राकेश कुमार और दिलराज कुमार को गिरफ्तार किया है.
सादे कपड़ों में पुलिस ने जुटाई जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने गुप्त रणनीति अपनाई. डीएसपी के मुताबिक, महिला थाना के दो पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़ों में प्राथमिक आरोपित से संपर्क किया और गर्भपात कराने की बात कही. इसके बाद आरोपित ने उन्हें लाइन बाजार स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बुलाया.
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से कथित गतिविधियों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली.
अल्ट्रासाउंड सेंटर और निजी अस्पताल की भूमिका जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की अल्ट्रासाउंड जांच लाइन बाजार स्थित एक सेंटर में कराई गई थी. इसके बाद पास के एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर गर्भपात कराया गया. मामले में दो डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं. उनकी भूमिका और संलिप्तता की जांच की जा रही है.
स्नातक प्रथम सेमेस्टर की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी, जानिए कब को होगा नामांकन
संबंधित दो क्लीनिकों को सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी.
एसएसपी, डीएम और सिविल सर्जन के निर्देशन में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी, जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के संयुक्त निर्देशन में टीम गठित की गई है. पुलिस महिला की चिकित्सीय जांच रिपोर्ट, न्यायालय के समक्ष दर्ज बयान, तकनीकी साक्ष्य और अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा के अनुसार, जांच अभी जारी है. पुलिस कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.
इसे भी पढ़ें-



