November 2026 Changes : नवंबर का महीना शुरू होते ही आम लोगों के खर्च, बैंकिंग और रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़ी कई व्यवस्थाओं में बदलाव हो गया है. अब मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आने पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की व्यवस्था शुरू हो रही है. वहीं, कुछ बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों को पहले से अधिक शुल्क देना होगा. पेंशन पाने वालों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की समयसीमा भी शुरू हो गई है. दूसरी ओर, हाईवे के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को लोकल पास का विकल्प मिलेगा.
इन बदलावों का दायरा सिर्फ बैंक और मोबाइल तक सीमित नहीं है. दिल्ली-NCR में वाहन चलाने, पार्किंग, कार्यालयों में कामकाज और निर्माण गतिविधियों को लेकर भी कई पाबंदियां लागू हो रही हैं. ऐसे में नवंबर में अलग-अलग वर्गों के लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार इन बदलावों पर ध्यान देना होगा.
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बैंक में छोटी चूक भी पड़ेगी महंगी, ट्रांजैक्शन फेल होने पर भी शुल्क
बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों के लिए नवंबर से लेनदेन की लागत बढ़ सकती है. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड धारकों को रिवॉर्ड पॉइंट भुनाने के लिए अब प्रत्येक अनुरोध पर 99 रुपये देने होंगे. इसके अलावा एक बिलिंग साइकिल में क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये से अधिक का बिजली, पानी या गैस बिल चुकाने पर 1 प्रतिशत शुल्क लगेगा. इस पर टैक्स भी देना होगा. प्रति ट्रांजैक्शन शुल्क अधिकतम 2,000 रुपये होगा.
नकदी निकासी, लेट पेमेंट और चेक या ऑटो-डेबिट फेल होने पर भी संशोधित शुल्क लागू होंगे.
IndusInd बैंक के कुछ सेविंग्स अकाउंट में भी पर्याप्त बैलेंस नहीं रखना महंगा साबित हो सकता है. खाते में पैसे कम होने के कारण ATM से नकदी निकालने या दुकान पर POS मशीन से भुगतान फेल होने पर 25 रुपये शुल्क लगेगा. यह बदलाव Indus Delite, Indus Digi-start, Indus Online-Min Bal Required और Indie के कुछ अकाउंट वेरिएंट पर लागू होगा. वित्तीय कारणों के अलावा अन्य वजहों से चेक बाउंस होने पर 50 रुपये प्रति चेक देना होगा.
पेंशन बंद होने से बचानी है तो नवंबर में जमा करें जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशन पाने वाले 80 साल से कम उम्र के लोगों के लिए 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है. इसकी सालाना प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो गई है. वहीं, 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है.
समयसीमा के भीतर लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं करने पर पेंशन का भुगतान रुक सकता है. हालांकि, इसके लिए बैंक की शाखा में जाना अनिवार्य नहीं है. पेंशनर्स Jeevan Pramaan ऐप के जरिए स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं. बैंक शाखा और उपलब्ध डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा से भी इसे जमा किया जा सकता है.
अब मोबाइल नंबर के साथ दिखेगा फोन करने वाले का नाम
अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान के लिए अब थर्ड पार्टी ऐप पर निर्भरता कम होगी. Calling Name Presentation (CNAP) सर्विस के तहत मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा.
दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर यह सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है. नाम टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के आधार पर दिखेगा. इसके लिए Truecaller जैसे ऐप की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, 2G और 3G नेटवर्क पर इसकी शुरुआत अलग से तय की जाएगी.
इस सुविधा से फर्जी और अनजान कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है. लेकिन स्क्रीन पर नाम दिखने का मतलब यह नहीं होगा कि कॉल पूरी तरह सुरक्षित है.
टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों को सालाना पास, फीस 1,500 रुपये
राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों को अब हर बार टोल भुगतान के बजाय रियायती लोकल एनुअल पास लेने का विकल्प मिलेगा. 1 नवंबर से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र गैर-कमर्शियल वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.
इसके लिए सालाना 1,500 रुपये देने होंगे. वहीं, नगर पालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. पास के लिए वाहन पर वैध और चालू FASTag होना अनिवार्य है.
यह सुविधा केवल संबंधित टोल प्लाजा पर मान्य होगी. बंद टोल कलेक्शन सिस्टम वाले हाईवे और एक्सप्रेसवे पर इसका लाभ नहीं मिलेगा. जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है, वहां भी यह पास लागू नहीं होगा. टोल प्लाजा पर सुविधा 1 नवंबर से शुरू होगी, जबकि Rajmargyatra ऐप पर 1 दिसंबर से उपलब्ध होगी.
दिल्ली आने से पहले जांच लें गाड़ी का BS-VI मानक
दिल्ली-NCR में रहने वाले और रोजाना राजधानी आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए नवंबर से नियम सख्त हो गए हैं. 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं.
CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है. एंबुलेंस, दमकल और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों के लिए भी निर्धारित छूट लागू होगी. नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को अपनी गाड़ी का उत्सर्जन मानक जांच लेना चाहिए.
प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं तो पेट्रोल पंप पर अटक सकता है काम
दिल्ली में ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले वाहनों को निर्धारित पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है. यह व्यवस्था ANPR कैमरे से लैस ईंधन केंद्रों पर लागू की जाएगी.
PUCC प्रमाण पत्र बताता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित मानकों के भीतर है या नहीं. इसलिए वाहन मालिकों को प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होने से पहले इसे अपडेट कराना होगा.
दिल्ली में गाड़ी खड़ी करना महंगा, पार्किंग शुल्क दोगुना
दिल्ली में निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना करने की योजना है. हालांकि, दिल्ली मेट्रो के पार्किंग स्थलों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है.
इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है. ऐसे में दिल्ली में नियमित रूप से कार या दोपहिया वाहन पार्क करने वालों का खर्च बढ़ सकता है.
दफ्तर जाने की जरूरत कम, 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली में सरकारी और निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू होगी. यह व्यवस्था 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी.
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इसके अलावा सरकारी कार्यालयों के समय में भी अंतर रखा गया है. MCD के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे. अलग-अलग समय पर कार्यालय चलाने का उद्देश्य सड़कों पर एक साथ वाहनों की भीड़ कम करना है.
निर्माण कंपनियों और मजदूरों के काम पर भी पड़ेगा असर
दिल्ली-NCR में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. कुछ जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को निर्धारित छूट मिल सकती है.
इसके बाद 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर और सख्त पाबंदी लागू होगी. निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम जैसे प्रदूषण नियंत्रण उपाय भी करने होंगे. इन प्रतिबंधों का असर निर्माण कंपनियों, ठेकेदारों और मजदूरों के कामकाज पर पड़ सकता है.
राशन कार्ड और LPG सिलेंडर पर क्या है स्थिति?
नवंबर से राशन कार्ड की e-KYC बंद होने या सभी लाभार्थियों का मुफ्त राशन रोकने का कोई नया देशव्यापी नियम पुख्ता तौर पर सामने नहीं आया है. इसी तरह LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा तेल कंपनियां हर महीने करती हैं. नवंबर की नई कीमतों की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी. इसलिए राशन कार्ड और LPG को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल निश्चित बदलाव नहीं माना जाना चाहिए.
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