Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat: दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. 8 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर बिहार और झारखंड में लक्ष्मी पूजा के लिए वृषभ और सिंह लग्न में शुभ समय मिल रहा है. वहीं, अलग-अलग शहरों में लक्ष्मी पूजा और प्रदोष काल का समय भी अलग-अलग रहेगा.
अगर आप भी दिवाली पर पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां जानिए लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, पूजा विधि, श्रीराम के नाम का दीपक जलाने का तरीका और दुकान-कारोबार में पूजा का सही समय.
Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat: बिहार-झारखंड में लक्ष्मी पूजा के लिए कब है शुभ मुहूर्त?
बिहार और झारखंड में दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए वृषभ लग्न शाम 6 बजे से 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस लग्न में पूजा करने से स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है.
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इसके अलावा सिंह लग्न में भी मां लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है. सिंह लग्न का समय रात 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा.
दिवाली 2026: पटना, रांची समेत 11 शहरों में लक्ष्मी पूजा का शुभ समय
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार अलग रहता है. पटना और रांची के साथ देश के अन्य प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा और प्रदोष काल का समय इस प्रकार है.
| शहर | लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त | प्रदोष काल |
|---|---|---|
| रांची | शाम 5:31 से 7:29 बजे तक | शाम 5:07 से 7:41 बजे तक |
| पटना | शाम 5:28 से 7:25 बजे तक | शाम 5:04 से 7:40 बजे तक |
| नई दिल्ली | शाम 5:54 से 7:50 बजे तक | शाम 5:31 से 8:09 बजे तक |
| मुंबई | शाम 6:27 से 8:27 बजे तक | शाम 6:04 से 8:38 बजे तक |
| बेंगलुरु | शाम 6:17 से 8:20 बजे तक | शाम 5:54 से 8:31 बजे तक |
| कोलकाता | शाम 5:20 से 7:18 बजे तक | शाम 4:56 से 7:29 बजे तक |
| अहमदाबाद | शाम 6:22 से 8:20 बजे तक | शाम 5:59 से 8:32 बजे तक |
| जयपुर | शाम 6:03 से 7:59 बजे तक | शाम 5:40 से 8:18 बजे तक |
| पुणे | शाम 6:24 से 8:24 बजे तक | शाम 6:01 से 8:35 बजे तक |
| हैदराबाद | शाम 6:07 से 8:08 बजे तक | शाम 5:44 से 8:19 बजे तक |
| चेन्नई | शाम 6:07 से 8:09 बजे तक | शाम 5:44 से 8:21 बजे तक |
मां लक्ष्मी की पूजा के लिए पहले से जुटा लें ये सामग्री
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए कुछ जरूरी सामग्रियों की आवश्यकता होती है. पूजा शुरू करने से पहले इन सभी चीजों को एक जगह रख लें, ताकि पूजन के दौरान किसी सामग्री की कमी न हो.
- मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा
- लाल या पीला कपड़ा
- रोली, अक्षत और हल्दी
- फूल और फूलों की माला
- कमल का फूल
- धूप, दीप और अगरबत्ती
- घी और तेल
- कलश, जल और नारियल
- फल, मिठाई और खील-बताशे
- पान, सुपारी और सिक्के
दिवाली पर इस तरह करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा
लक्ष्मी पूजा के दौरान साफ-सफाई और पूजा स्थल की तैयारी से लेकर मंत्र जाप और आरती तक सभी कार्य श्रद्धापूर्वक किए जाते हैं. पूजा की पूरी विधि इस प्रकार है.
1. घर की सफाई करें: दिवाली की सुबह घर की अच्छी तरह सफाई करें. मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और शाम को दीपक जलाएं.
2. पूजा स्थल तैयार करें: शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा स्थल पर एक चौकी रखें. उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं.
3. लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करें: चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर रखें. ध्यान रखें कि गणेश जी मां लक्ष्मी के बाईं ओर रहें.
4. कलश की स्थापना करें: पूजा स्थल पर जल से भरा कलश रखें. इसमें सुपारी, अक्षत और सिक्का डालें. कलश के ऊपर आम या अशोक के पत्ते और नारियल रखें.
5. तिलक और फूल अर्पित करें: मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को रोली, अक्षत, फूल और माला चढ़ाएं. मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें.
6. दीपक और धूप जलाएं: घी या तेल का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और गणेश जी को धूप-अगरबत्ती दिखाएं.
7. भोग लगाएं: पूजा के दौरान फल, मिठाई, खील-बताशे, मखाना और अन्य प्रसाद अर्पित करें.
8. मंत्र का जाप करें: मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप करें.
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
9. आरती करें: पूजन के अंत में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें.
10. घर में दीपक जलाएं: पूजा पूरी होने के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं.
दिवाली पर भगवान श्रीराम के नाम का दीपक कैसे जलाएं?
दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के साथ भगवान श्रीराम के नाम का दीपक जलाने की भी परंपरा है. इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें.
1. सबसे पहले घर के मंदिर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें.
2. शाम को स्नान करके साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें.
3. भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक रखें.
4. दीपक में गाय का घी या तिल का तेल भरें और उसमें रूई की बाती लगाएं.
5. श्रद्धा के साथ दीपक जलाएं.
6. भगवान को फूल और अक्षत अर्पित करें.
7. अंत में हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम से परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना करें.
दिवाली 2026: पटना और रांची में चौघड़िया मुहूर्त का समय
दिवाली के दिन पटना और रांची में अलग-अलग समय पर लाभ, अमृत, शुभ और चर चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे. दोनों शहरों में चौघड़िया का समय इस प्रकार है.
पटना में चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ: सुबह 8:47 से 10:10 बजे
- अमृत: सुबह 10:10 से 11:33 बजे
- शुभ: दोपहर 12:56 से 2:19 बजे
- शुभ: शाम 5:04 से 6:41 बजे
- अमृत: शाम 6:41 से 8:19 बजे
- चर: रात 8:19 से 9:56 बजे
- लाभ: 9 नवंबर, रात 1:11 से 2:48 बजे
- शुभ: 9 नवंबर, सुबह 4:25 से 6:03 बजे
रांची में चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ: सुबह 8:46 से 10:09 बजे
- अमृत: सुबह 10:09 से 11:33 बजे
- शुभ: दोपहर 12:57 से 2:21 बजे
- शुभ: शाम 5:07 से 6:43 बजे
- अमृत: शाम 6:43 से 8:19 बजे
- चर: रात 8:19 से 9:55 बजे
- लाभ: 9 नवंबर, रात 1:07 से 2:43 बजे
- शुभ: 9 नवंबर, सुबह 4:19 से 5:58 बजे
दुकान और कारोबार में लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ लग्न और समय
दिवाली पर सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि दुकानों, कार्यालयों, फैक्ट्रियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. दिए गए मुहूर्त के अनुसार, इन सभी स्थानों पर कुंभ लग्न में दोपहर 1 बजे से 2 बजकर 31 मिनट तक पूजा की जा सकती है.
| प्रतिष्ठान / स्थान का प्रकार | शुभ लग्न | मुहूर्त का समय | महत्व / उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| कार्यालय (ऑफिस) | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| फैक्ट्री और कारखाने | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| शोरूम और प्रतिष्ठान | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| बैंक और वित्तीय संस्थान | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| गोदाम और भंडार गृह | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
| कंपनी और कॉरपोरेट कार्यालय | कुंभ लग्न | दोपहर 01:00 बजे से 02:31 बजे तक | आर्थिक समृद्धि और उन्नति के लिए विशेष |
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