Dhanbad News: जंगल में अवैध कोयला खनन पर छापा, कोयला लदा ट्रैक्टर और मशीनें जब्त

Dhanbad News: धनबाद के मुगमा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ईसीएल सुरक्षा विभाग और बैजना सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की. शुक्रवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे गलफरबाड़ी माझी बस्ती स्थित जंगल में छापेमारी कर अवैध खनन स्थल से कोयला लदा एक ट्रैक्टर, पंप और जेनरेटर जब्त किया गया. कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया.

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

एरिया सुरक्षा अधिकारी रूपेश कुमार निश्रा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर ईसीएल सिक्यूरिटी और बैजना सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने गलफरबाड़ी जंगल स्थित अवैध खनन स्थल पर छापेमारी की. टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग मौके से फरार हो गए.

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कोयला लदा ट्रैक्टर समेत उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध रूप से निकाले गए कोयले से लदा एक ट्रैक्टर जब्त किया. इसके अलावा अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे पंप और जेनरेटर को भी कब्जे में लिया गया. जब्त सभी सामान को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा गया है.

संबंधित लोगों पर होगी प्राथमिकी

एरिया सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अवैध खनन से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा. साथ ही शनिवार से अवैध खनन स्थल की भराई का काम भी शुरू कराया जाएगा, ताकि दोबारा वहां अवैध उत्खनन न हो सके.

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पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निजी सचिव रहे विवेक राउत के घर छापेमारी, घंटों चली तलाशी

Dumka Raid: झारखंड के दुमका जिले के महुआडंगाल इलाके में शनिवार सुबह वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने झामुमो संस्थापक एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव विवेक राउत के आवास पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हलचल का माहौल रहा. संयुक्त टीम ने घर को चारों ओर से घेरने के बाद कई घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया. हालांकि, कार्रवाई किस मामले में की गई, इसे लेकर अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी.

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प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, छापेमारी का नेतृत्व एक प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी ने किया. टीम में वन विभाग के 20 से 25 फॉरेस्ट गार्ड, महिला पुलिसकर्मी, नगर थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस शामिल थी. सभी ने घर की घेराबंदी कर व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान चलाया.

घर के हर हिस्से की हुई जांच

संयुक्त टीम ने आवास के विभिन्न कमरों और परिसर की बारीकी से जांच की. तलाशी अभियान कई घंटे तक चलता रहा. हालांकि, जांच के दौरान क्या बरामद हुआ या कार्रवाई का उद्देश्य क्या था, इस पर किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा.

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Dumka Raid: तलाशी के बाद स्थानीय लोगों ने उठाई मांग

तलाशी पूरी होने के बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से लिखित रूप में यह प्रमाणित करने की मांग की कि जांच के दौरान घर से कोई आपत्तिजनक या अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई है. हालांकि, अधिकारियों ने मौके पर इस मांग पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी.

कार्रवाई के कारणों पर बरकरार है सस्पेंस

वन विभाग और पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस मामले में की गई. न ही किसी तरह की बरामदगी या जांच के आधार को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है. ऐसे में कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. अधिकारियों की ओर से फिलहाल मामले में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.

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इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को हराया, कांस्य पदक पर किया कब्जा

FIFA World Cup 2026: एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से मैच जीत जाएगा, लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस ने ऐसा पलटवार किया कि मुकाबला आखिरी मिनटों तक सांसें थाम देने वाला बन गया. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के प्लेऑफ में कुल 10 गोल देखने को मिले और अंत में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया. मुकाबले के हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाई, जबकि इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने आखिरी गोल कर इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी.

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43 मिनट में ही इंग्लैंड ने तय कर दिया था मैच

इंग्लैंड ने शुरुआती सीटी के साथ ही फ्रांस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से शानदार गोल कर बढ़त दिलाई. इसके बाद एजरी कोन्सा ने कॉर्नर पर हेडर से स्कोर 2-0 कर दिया. फ्रांस संभल पाता, उससे पहले बुकायो साका ने 37वें और 43वें मिनट में लगातार दो गोल कर हाफटाइम तक इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी.

डेशचैम्प्स के दांव से बदला मैच

ब्रेक के बाद फ्रांस के कोच डिडिएर डेशचैम्प्स ने एक साथ चार खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा और यहीं से मुकाबले का रंग बदल गया. किलियन एमबाप्पे ने पहला गोल कर वापसी की शुरुआत की. इसके बाद ब्रैडली बारकोला और फिर एमबाप्पे के दूसरे गोल ने स्कोर 4-3 कर दिया. एक समय ऐसा लगा कि फ्रांस मैच बराबरी पर ला देगा.

जब साका ने खत्म कर दी फ्रांस की उम्मीद

फ्रांस लगातार दबाव बना रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली. साका ने कोई गलती नहीं की और अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए टीम को दो गोल की बढ़त दिला दी. स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर रोमांच बढ़ाया, लेकिन 98वें मिनट में जूड बेलिंगहैम ने तेज काउंटर अटैक पर गोल दागकर इंग्लैंड की जीत पर अंतिम मुहर लगा दी.

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हार के बावजूद एमबाप्पे ने रचा इतिहास

फ्रांस को भले हार का सामना करना पड़ा, लेकिन किलियन एमबाप्पे ने दो गोल कर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या 22 तक पहुंचा दी और इस टूर्नामेंट में 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष पर पहुंच गए.

डेशचैम्प्स को जीत के साथ विदाई नहीं दे सका फ्रांस

यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के करियर का आखिरी मैच भी रहा. अंतिम सीटी बजने के बाद इंग्लैंड के कोच थॉमस टुखेल ने उन्हें गले लगाकर सम्मान दिया. मैच से पहले कप्तान किलियन एमबाप्पे ने भी भावुक संदेश देते हुए कहा था कि डेशचैम्प्स ने फ्रांस के फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और इतिहास उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा. हालांकि टीम उन्हें जीत के साथ विदाई नहीं दे सकी.

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भागलपुर : सरकारी स्कूलों में ‘पुलिस दीदी’ अभियान, बच्चों को किया जागरूक

Bhagalpur News: महिला एवं बाल सुरक्षा को मजबूत बनाने और छात्र-छात्राओं को अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भागलपुर जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शनिवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानव तस्करी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा ‘पुलिस दीदी’ कार्यक्रम के उद्देश्यों और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध) तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों, उसके कारणों और अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों से अवगत कराया. अधिकारियों ने बताया कि रोजगार, शिक्षा, विवाह या अन्य प्रलोभनों के जरिए लोगों को मानव तस्करी के जाल में फंसाने की कोशिश की जाती है. विद्यार्थियों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या घटना की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें.

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‘पुलिस दीदी’ कार्यक्रम की उपयोगिता बताई

कार्यक्रम के दौरान ‘पुलिस दीदी’ पहल की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना, बालिकाओं और बच्चों की समस्याओं का संवेदनशील समाधान उपलब्ध कराना तथा पुलिस और विद्यार्थियों के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना है.

छात्र-छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ या उनके आसपास किसी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, लैंगिक हिंसा या अन्य अपराध की घटना होती है तो वे बिना किसी झिझक के पुलिस, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें.

साइबर अपराधों से बचने के बताए उपाय

जागरूकता कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया. विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में जागरूक किया गया. साथ ही महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया.

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, अधिकारियों ने दिए जवाब

कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने मानव तस्करी, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल अधिकार तथा पुलिस सहायता से जुड़े कई सवाल पूछे. पुलिस अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का सरल भाषा में समाधान किया और कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया.

भागलपुर पुलिस ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को अपराधों के प्रति सजग बनाना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है. पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे.

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National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ का रहा दबदबा, यामी गौतम बनीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री; देखें लिस्ट

72nd National Film Awards 2026: वर्ष 2024 में रिलीज फिल्मों के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का शनिवार को एलान कर दिया गया. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजेताओं के नामों की घोषणा की. इस बार ‘आर्टिकल 370’ ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं. फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जबकि इसमें दमदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया. वहीं कार्तिक आर्यन और ममूटी संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किए गए.

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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए वर्ष 2024 के दौरान केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच प्रमाणित फिल्मों पर विचार किया गया. विजेताओं का चयन फिल्म निर्माता जयराज की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय जूरी ने किया. पुरस्कारों की घोषणा का सीधा प्रसारण PIB इंडिया के यूट्यूब चैनल पर भी किया गया.

‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म

राजकुमार राव अभिनीत ‘श्रीकांत’ को इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला. वहीं धनुष की ‘रायन’ को सर्वश्रेष्ठ तमिल फीचर फिल्म, ‘फेमिनिची फातिमा’ को सर्वश्रेष्ठ मलयालम फीचर फिल्म और ‘मिथ्या’ को सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फीचर फिल्म का सम्मान मिला.

कार्तिक आर्यन और ममूटी ने साझा किया बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में अभिनय के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया. यह सम्मान उन्होंने मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मायुगम’ के लिए ममूटी के साथ साझा किया. वहीं ‘आर्टिकल 370’ में शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. यह उनके फिल्मी करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है.

‘आर्टिकल 370’ को मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

आदित्य सुहास जंभाले के निर्देशन में बनी ‘आर्टिकल 370’ इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सबसे चर्चित फिल्मों में रही. फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक (बैकग्राउंड स्कोर) के लिए शाश्वत सचदेव के रूप में कुल तीन राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए.

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आर्टिकल 370

यामी का इंतजार, प्रियामणि और आदित्य धर ने जताई खुशी

राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद यामी गौतम की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई. हालांकि फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री प्रियामणि ने यामी गौतम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से यामी की मेहनत और अभिनय को करीब से देखा है. उनके मुताबिक यह सम्मान पूरी तरह से यामी की कड़ी मेहनत का परिणाम है और पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है.

आदित्य धर बोले- अवॉर्ड नहीं, ईमानदारी से कहानी कहना था मकसद

फिल्म के निर्माता और सह-निर्देशक आदित्य धर ने राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि ‘आर्टिकल 370’ को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना पूरी टीम के लिए भावुक करने वाला पल है. उन्होंने कहा कि फिल्म बनाते समय टीम का उद्देश्य पुरस्कार जीतना नहीं था, बल्कि ईमानदारी, साहस और सच्चाई के साथ एक महत्वपूर्ण कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना था.

आदित्य धर ने कहा कि दर्शकों का प्यार और राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी का सम्मान उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए पूरी टीम और दर्शकों का आभार व्यक्त किया.

नेशनल फिल्म अवॉर्ड क्यों हैं खास

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिने जाते हैं. इन पुरस्कारों के जरिए फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म, सिनेमा पर लेखन, अभिनय, निर्देशन, संगीत और विभिन्न तकनीकी श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों और फिल्मकारों को सम्मानित किया जाता है.

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 : प्रमुख विजेताओं की सूची

  • सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: आर्टिकल 370
  • सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म: श्रीकांत
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और ममूटी (ब्रह्मायुगम)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम (आर्टिकल 370)
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: संजय मिश्रा (भक्षक)
  • सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक (बैकग्राउंड स्कोर): शाश्वत सचदेव (आर्टिकल 370)
  • सर्वश्रेष्ठ एक्शन कोरियोग्राफी: महाराजा
  • सर्वश्रेष्ठ डांस कोरियोग्राफी: ‘आज की रात’
  • सर्वश्रेष्ठ तमिल फीचर फिल्म: रायन
  • सर्वश्रेष्ठ मलयालम फीचर फिल्म: फेमिनिची फातिमा
  • सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फीचर फिल्म: मिथ्या

फीचर फिल्म्स के लिए दिए गए अवॉर्ड्स

  • बेस्ट तुलु फिल्म- इम्बू (तुलु)
  • बेस्ट तेलुगु फिल्म- कमिटी कुरोलू
  • बेस्ट तमिल फिल्म- रायन
  • बेस्ट ओड़िया फिल्म-लहरी
  • बेस्ट मराठी फिल्म- मुक्कुम पोस्ट बोमबिलवाली
  • बेस्ट मणिपुरी फिल्म-सुनीता
  • बेस्ट मलयालम फिल्म- फेमिनिची फातिमा
  • बेस्ट कोंकणी फिल्म- मोग असुम
  • बेस्ट कन्नड़ फिल्म- मिथ्या
  • बेस्ट हिंदी फिल्म – श्रीकांत
  • बेस्ट गुजराती फिल्म – मारन

बेस्ट फीचर फिल्म नेशनल सोशल- कैप्टन मिलर (तमिल)

  • बेस्ट पॉपुलर फिल्म एंटरटेनमेंट- कल्कि 2898 एडी (तेलुगु)
  • बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ डायरेक्टर- स्वातंत्र्य वीर सावरकर- रणदीप हुड्डा
  • बेस्ट फीचर फिल्म-आर्टिकल 370

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सोनम वांगचुक की हालत पर डॉक्टरों की नजर, दवा लेने से किया इनकार; पत्नी बोलीं- अस्पताल से डिस्चार्ज करें

Sonam Wangchuk Health Update: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट जारी की है. सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक उपवास के कारण उनके शरीर में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है, ताकि स्वास्थ्य और न बिगड़े तथा किसी गंभीर आपात स्थिति से बचा जा सके.

तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.

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एम्स के विशेषज्ञ भी इलाज में शामिल

वांगचुक की स्थिति को देखते हुए एम्स, नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी उनकी जांच की. विशेषज्ञ ने सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की राय से सहमति जताते हुए कहा कि मरीज को जल्द से जल्द मुंह के जरिए (ओरल) या नस के जरिए (IV) फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देना जरूरी है. इसके बाद एम्स के एक डॉक्टर को भी इलाज कर रही टीम में शामिल किया गया है, जो लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं.

इलाज कराने से किया इनकार

अस्पताल सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने IV फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है. बताया गया कि उनके परिवार ने भी फिलहाल डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज के लिए सहमति नहीं दी है.

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डॉक्टर लगातार कर रहे समझाने का प्रयास

अस्पताल में चिकित्सकों की टीम लगातार वांगचुक और उनके स्वजन को इलाज की आवश्यकता समझाने में जुटी है. डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी शुरू होने से संभावित गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को टाला जा सकता है.

पत्नी ने मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल

इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में पोटैशियम का स्तर 2.9 बताया गया, जबकि एक दिन पहले यह 4.3 था. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दूसरी लैब से जांच कराने या अपनी मौजूदगी में ब्लड सैंपल लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

गीतांजलि ने कहा कि पारदर्शिता की कमी के कारण परिवार ने वांगचुक को तत्काल डिस्चार्ज कर अपनी पसंद के अस्पताल में ले जाने की मांग की है. फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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दिल्ली में CJP कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी, Video आया सामने

Abhijeet Dipke: राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने मंच की ओर स्याही फेंक दी. घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद CJP समर्थक आक्रोशित होकर मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित रहा. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को हिरासत में ले लिया.

पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि उसने स्याही फेंकने की घटना को किस उद्देश्य से अंजाम दिया. घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल पर तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में हालात सामान्य कर दिए गए.

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तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाए गए सोनम वांगचुक

इससे पहले भूख हड़ताल के 21वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई. वांगचुक 28 जून से CJP के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनका प्रदर्शन नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्रों की मौत के विरोध में जारी है.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि चिकित्सकों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में भी लिया. हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है.

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बिहार में कॉलेजों की व्यवस्था होगी अलग, शिक्षकों की राजनीति पर भी लग सकता है ब्रेक

Bihar Higher Education Bill: बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. राज्य सरकार मानसून सत्र में नया उच्च शिक्षा विधेयक लाने की तैयारी में है. प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद सरकारी डिग्री कॉलेजों का संचालन विश्वविद्यालयों के बजाय सीधे उच्च शिक्षा विभाग के अधीन होगा. इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी नए नियम लागू किए जाने का प्रस्ताव है.

राज्य के करीब 481 सरकारी डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक नियंत्रण से अलग कर सीधे उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाने की तैयारी है. वर्तमान में ये कॉलेज राज्य के 12 विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं. नया कानून लागू होने के बाद कॉलेजों से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय विभाग स्तर पर लिए जाएंगे.

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पीजी और शोध पर रहेगा विश्वविद्यालयों का फोकस

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालयों की भूमिका मुख्य रूप से स्नातकोत्तर (पीजी) शिक्षा और शोध कार्य तक सीमित रहेगी. वहीं स्नातक स्तर के कॉलेजों की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी सरकार संभालेगी.

शिक्षकों के लिए बनेगी नई आचार संहिता

विधेयक में कॉलेज शिक्षकों की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है. इसके तहत शिक्षक किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के समर्थन में सार्वजनिक रूप से प्रचार, अभियान या लेखन नहीं कर सकेंगे. इसे शिक्षण व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

नियुक्ति, तबादला और पदोन्नति का अधिकार विभाग को

नए कानून के तहत शिक्षकों की नियुक्ति, तबादला, पदोन्नति और सेवा संबंधी निर्णय विश्वविद्यालयों के बजाय उच्च शिक्षा विभाग करेगा. इसके लिए पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

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सहायक प्राध्यापक नियुक्ति के नियमों में भी बदलाव

सरकार सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए पात्रता मानकों में भी संशोधन करने जा रही है. प्रस्ताव के अनुसार नेट (NET) और स्नातकोत्तर (पीजी) डिग्री को न्यूनतम योग्यता रखा जाएगा, जबकि पीएचडी को अनिवार्य योग्यता से हटाने की तैयारी है.

विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने का अवसर खत्म होगा

प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति नहीं पा सकेंगे. अभी तक अनुभव और पदोन्नति के आधार पर यह व्यवस्था लागू थी.

हर जिले में तैनात होंगे उच्च शिक्षा पदाधिकारी

सरकार प्रत्येक जिले में एक उच्च शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति भी करेगी. यह अधिकारी जिले के सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य गतिविधियों की निगरानी करेगा.

यदि यह विधेयक मानसून सत्र में पारित हो जाता है तो बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक ढांचे से लेकर शिक्षकों की सेवा शर्तों तक कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो जाएंगे.

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भागलपुर में 19 जुलाई से शुरू होंगे आदर्श विद्यालय, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

Bhagalpur Saraswati Vidya Niketan: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा पहल के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का राज्यव्यापी शुभारंभ 19 जुलाई को होगा. मुख्यमंत्री बेगूसराय से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करेंगे.

इसको लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं चयनित विद्यालयों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि उद्घाटन के साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से शुरू हो सकें.

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विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

जिला पदाधिकारी ने चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि 18 जुलाई तक विद्यालय भवन, कक्षाओं की तैयारी, पेयजल, बिजली, शौचालय, स्वच्छता और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाए. इसके अलावा फर्नीचर, शिक्षण-अधिगम सामग्री, कंप्यूटर, इंटरनेट सहित सभी आईटी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने को कहा गया है.

साथ ही विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, नामपट्ट एवं दिशा-सूचक संकेतकों की स्थापना तथा अग्निशमन सहित अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

Bhagalpur Saraswati Vidya Niketan : लाइव प्रसारण और जनभागीदारी पर रहेगा विशेष जोर

राज्यस्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के लिए प्रत्येक विद्यालय में स्क्रीन और आवश्यक तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा गया है. इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है.

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अधिकारियों को स्थल निरीक्षण का निर्देश

कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के चयनित विद्यालयों का स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों से कहा गया है कि यदि कहीं कोई कमी या लंबित कार्य हो तो उसे तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि उद्घाटन के बाद कक्षाओं का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू हो सके.

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का शुभारंभ राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. भागलपुर में इसके सफल संचालन के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं.

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भागलपुर : फसल क्षति अनुदान के लिए 20 जुलाई से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन, जानें कब तक करें आवेदन

Bhagalpur DBT Portal: फसल क्षति से प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने डीबीटी (DBT) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत पात्र किसान 20 जुलाई 2026 की सुबह 6 बजे से 22 जुलाई 2026 की रात 10 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.

जिला कृषि पदाधिकारी ने शनिवार को बताया कि संबंधित पंचायतों के जिन किसानों को विभाग की ओर से एसएमएस प्राप्त हुआ है, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से डीबीटी पोर्टल पर आवेदन करें. निर्धारित अवधि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

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केवल ऑनलाइन आवेदन का होगा सत्यापन

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल डीबीटी पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का ही सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कृषि निदेशालय, बिहार, पटना की ओर से स्वीकृत अनुदान राशि सीधे लाभुक किसानों के एनपीआई (NPI) खाते में भेजी जाएगी.

समय रहते आवेदन करने की अपील

जिलाधिकारी और कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन कर दें. इससे फसल क्षति की भरपाई के लिए सरकार द्वारा दी जा रही कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ समय पर मिल सकेगा.

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