ऑस्ट्रेलिया बनी विश्व विजेता, ट्रॉफी के साथ मिली 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की इनामी राशि

ऑस्ट्रेलिया बनी विश्व विजेता.

Womens T20 World Cup Prize Money: महिला टी20 विश्व कप 2026 का खिताब ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम कर लिया है. फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इस जीत के साथ टीम को ट्रॉफी के अलावा 22.13 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली.

आईसीसी ने घोषित की रिकॉर्ड प्राइज मनी

इस बार आईसीसी ने महिला टी20 विश्व कप के लिए अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि तय की थी. टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आर्थिक पुरस्कार दिया गया.

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फाइनल में पहुंचने से चूकने वाली दोनों सेमीफाइनलिस्ट टीमों को भी 6.38 करोड़ रुपये (6,75,000 अमेरिकी डॉलर) की इनामी राशि प्रदान की गई. इससे टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला.

ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने किया संन्यास का ऐलान, अधूरा रह गया सबसे बड़ा सपना

ऐसा रहा फाइनल मुकाबला

लॉर्ड्स में खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 150 रन बनाए. टीम की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने सबसे अधिक 58 रन की पारी खेली.

17.1 ओवर में हासिल किया लक्ष्य

151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए केवल तीन विकेट खोकर 17.1 ओवर में जीत दर्ज कर ली. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.

ऑस्ट्रेलिया ने फिर साबित की बादशाहत

लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर दुनिया की सबसे मजबूत महिला टी20 टीम होने का प्रमाण दिया. रिकॉर्ड सातवें खिताब के साथ टीम ने विश्व क्रिकेट में अपना वर्चस्व और मजबूत कर लिया.

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ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने किया संन्यास का ऐलान, अधूरा रह गया सबसे बड़ा सपना

नेमार अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास
फुटबॉलर नेमार फोटो-सोशल मीडिया.

Neymar Retirement: ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. विश्व कप से ब्राजील के बाहर होने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि अब वह राष्ट्रीय टीम की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे. भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतना उनके करियर का सबसे बड़ा सपना था, लेकिन यह अधूरा ही रह गया.

हार के बाद किया संन्यास का ऐलान

मैच खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में नेमार ने कहा कि उन्होंने ब्राजील के लिए हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी टीम की जिम्मेदारी संभाले. उनके इस फैसले के साथ ब्राजील के सबसे चर्चित और सफल खिलाड़ियों में से एक का अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया.

नॉर्वे ने ब्राजील को किया टूर्नामेंट से बाहर

क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजील की टीम को नॉर्वे ने 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया. नॉर्वे की जीत के हीरो एरलिंग हालैंड रहे, जिन्होंने दो गोल कर अपनी टीम को पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया. ब्राजील की ओर से एकमात्र गोल नेमार ने इंजरी टाइम में पेनल्टी पर किया, लेकिन तब तक मुकाबला टीम के हाथ से निकल चुका था.

भावुक हुए नेमार

हार के बाद नेमार अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके. उन्होंने कहा कि ब्राजील के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और उन्होंने हमेशा देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. हालांकि विश्व कप ट्रॉफी नहीं जीत पाने का अफसोस उनके साथ हमेशा रहेगा.

ब्राजील के लिए शानदार रहा करियर

नेमार ने 2010 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था. अगले 16 वर्षों में उन्होंने 129 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 80 गोल दागे. इसी के साथ वह ब्राजील के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने. इसके अलावा उन्होंने 58 से अधिक गोल में सहयोग (असिस्ट) भी किया.

अधूरा रह गया विश्व कप जीतने का सपना

नेमार कई बार चोटों से जूझते रहे, जिसका असर उनके करियर पर भी पड़ा. इसके बावजूद उनका लक्ष्य ब्राजील को छठा विश्व कप दिलाना था. हालांकि 2026 विश्व कप में टीम की शुरुआती नॉकआउट चरण में हार के साथ यह सपना भी अधूरा रह गया.

ब्राजील के सामने नए दौर की शुरुआत

नेमार के संन्यास के बाद अब ब्राजील की राष्ट्रीय टीम नए दौर में प्रवेश करेगी. मुख्य कोच कार्लो एंचेलोटी के सामने युवा खिलाड़ियों के साथ मजबूत टीम तैयार करने की चुनौती होगी, ताकि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में ब्राजील फिर से खिताब की दौड़ में मजबूती से वापसी कर सके.

MG Windsor EV हुई महंगी, जुलाई से बढ़ीं कीमतें, जानें अब किस वेरिएंट के लिए कितने देने होंगे पैसे

MG Windsor EV नई कीमतें जुलाई 2026
MG Windsor EV

अगर आप MG Windsor EV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा रकम खर्च करनी होगी. कंपनी ने जुलाई 2026 से इस इलेक्ट्रिक SUV की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. नए अपडेट के तहत अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमत में 40,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है. हालांकि कीमत बढ़ने के बावजूद बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

किस वेरिएंट की कीमत कितनी बढ़ी?

सबसे अधिक बढ़ोतरी बेस Excite वेरिएंट में हुई है. इसकी कीमत 60,000 रुपये बढ़ने के बाद अब 14.70 लाख रुपये हो गई है.

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Exclusive वेरिएंट अब 46,900 रुपये महंगा होकर 16 लाख रुपये में उपलब्ध होगा. वहीं Essence वेरिएंट की कीमत भी 46,900 रुपये बढ़ गई है और इसकी नई एक्स-शोरूम कीमत 17 लाख रुपये हो गई है.

Exclusive Pro वेरिएंट के लिए अब 17.90 लाख रुपये चुकाने होंगे, जो पहले की तुलना में 52,000 रुपये अधिक है. वहीं टॉप मॉडल Essence Pro की कीमत 40,000 रुपये बढ़कर 19 लाख रुपये हो गई है.

क्यों बढ़ाई गई कीमतें?

कंपनी के मुताबिक, उत्पादन लागत (Production Cost) बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया गया है. हाल के दिनों में कई वाहन निर्माता कंपनियां भी अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ा चुकी हैं, जिनमें Kia और Toyota जैसी कंपनियां शामिल हैं.

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MG Windsor वेरिएंटनई कीमत (जुलाई 2026)पुरानी कीमतकीमत में बढ़ोतरीबढ़ोतरी (%)
Excite₹14,69,800₹14,09,800₹60,0004.26%
Exclusive₹15,99,800₹15,52,900₹46,9003.02%
Essence₹16,99,800₹16,52,900₹46,9002.84%
Exclusive Pro₹17,89,900₹17,37,900₹52,0002.99%
Essence Pro₹18,99,900₹18,59,900₹40,0002.15%

बैटरी और रेंज में कोई बदलाव नहीं

MG Windsor EV के Excite, Exclusive और Essence वेरिएंट में 38 kWh का बैटरी पैक मिलता है, जबकि Exclusive Pro और Essence Pro में बड़ा 52.9 kWh बैटरी पैक दिया गया है.

छोटे बैटरी पैक वाले वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर 332 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करते हैं. वहीं Pro वेरिएंट्स की रेंज 449 किलोमीटर तक है.

पावर और चार्जिंग डिटेल

सभी वेरिएंट में समान इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो 136 PS की अधिकतम पावर और 200 Nm का टॉर्क जनरेट करती है.

चार्जिंग की बात करें तो 38 kWh बैटरी वाले मॉडल 45 kW DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं, जिससे बैटरी 20 से 80 प्रतिशत तक लगभग 45 मिनट में चार्ज हो जाती है.

वहीं 52.9 kWh बैटरी वाले Pro वेरिएंट 60 kW DC फास्ट चार्जिंग के साथ आते हैं और इन्हें 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 50 मिनट का समय लगता है.

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पूजा की भस्म को भूलकर भी कूड़ेदान में न फेंकें, जानें क्या है सही तरीका

पूजा की भस्म का सही उपयोग
पूजा की भस्म को भूलकर भी कूड़ेदान में न फेंकें.

Puja Samagri Rules: घर में पूजा-पाठ के दौरान धूपबत्ती और अगरबत्ती जलाना सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इसकी सुगंध से वातावरण पवित्र होने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है. हालांकि पूजा समाप्त होने के बाद बची हुई राख (भस्म) का सही तरीके से सम्मानपूर्वक निपटान करना भी उतना ही जरूरी माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे सामान्य कचरे की तरह फेंकना उचित नहीं माना जाता.

पवित्र जल में करें विसर्जन

यदि आपके आसपास स्वच्छ नदी, तालाब, सरोवर या अन्य पवित्र जल स्रोत उपलब्ध है, तो धूपबत्ती या अगरबत्ती की भस्म को श्रद्धा के साथ वहां प्रवाहित किया जा सकता है. ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है और इससे भस्म की पवित्रता भी बनी रहती है.

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Puja Samagri Rules: पौधों की मिट्टी में मिला सकते हैं

यदि किसी पवित्र जल स्रोत तक पहुंच संभव नहीं है, तो भस्म को घर के गमलों या साफ मिट्टी में डालना भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है. विशेष रूप से तुलसी, पीपल या केले के पौधे की मिट्टी में इसे मिलाना शुभ माना जाता है. इससे धार्मिक सम्मान भी बना रहता है और राख मिट्टी में प्राकृतिक रूप से मिल जाती है.

तिलक के रूप में भी कर सकते हैं उपयोग

यदि धूपबत्ती या धूप पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री, जैसे शुद्ध गोबर या जड़ी-बूटियों से बनी हो, तो उसकी भस्म को एक साफ डिब्बी में सुरक्षित रखा जा सकता है. कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के बाद इस भस्म का तिलक लगाने से मानसिक शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.

भस्म का सम्मान करना क्यों माना जाता है जरूरी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में उपयोग की गई सामग्री पवित्र मानी जाती है. इसलिए उसकी राख को भी सम्मानपूर्वक संभालने की सलाह दी जाती है. इसे कूड़ेदान में फेंकने या गंदे स्थान पर डालने से बचना चाहिए. यदि किसी विशेष परंपरा या रीति का पालन करते हैं, तो उसी के अनुसार भस्म का उपयोग या विसर्जन करना उचित माना जाता है.

नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है. अलग-अलग परंपराओं और समुदायों में इसके पालन के तरीके भिन्न हो सकते हैं.

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झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के आवेदन शुरू, जानें योग्यता, फीस और आवेदन प्रक्रिया

UP PCS 2026 Application
सांकेतिक तस्वीर.

JHTET 2026: झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आवेदन का मौका आ गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JHTET) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 तय की गई है.

20 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन

JHTET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है. अभ्यर्थी 20 जुलाई 2026 तक रजिस्ट्रेशन और आवेदन शुल्क जमा कर सकते हैं. परीक्षा की तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है. इसकी जानकारी बाद में आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार जारी होगी.

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आवेदन शुल्क कितना है?

एक पेपर (पेपर-1 या पेपर-2) के लिए आवेदन करने वाले सामान्य, BC और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को 1300 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह 700 रुपये निर्धारित है.

यदि कोई अभ्यर्थी दोनों पेपर के लिए आवेदन करता है, तो सामान्य, BC और EWS वर्ग के लिए शुल्क 1500 रुपये तथा SC और ST वर्ग के लिए 800 रुपये रखा गया है. शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग से किया जा सकता है.

कौन कर सकता है आवेदन?

प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास 10+2 के साथ DElEd, BElEd, विशेष शिक्षा डिप्लोमा या निर्धारित समकक्ष योग्यता होनी चाहिए. स्नातक के साथ DElEd कर चुके या अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन के पात्र हैं.

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वहीं, जूनियर स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए स्नातक के साथ DElEd, BEd, BEd स्पेशल एजुकेशन, BAEd, BScEd या अन्य मान्य योग्यता आवश्यक है. कुछ श्रेणियों में मास्टर डिग्री और इंटीग्रेटेड BEd-MEd कोर्स करने वाले उम्मीदवार भी पात्र हैं.

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

  • आधिकारिक वेबसाइट jacexamportal.in पर जाएं.
  • JHTET 2026 Application लिंक पर क्लिक करें.
  • नया रजिस्ट्रेशन कर आवश्यक जानकारी दर्ज करें.
  • फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
  • अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें.
  • सभी विवरण जांचकर फॉर्म सबमिट करें.
  • भविष्य के लिए आवेदन पत्र और फीस रसीद का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें.
  • फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान

आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें और अपनी पात्रता की पुष्टि कर लें. सभी जानकारी सही-सही भरें, क्योंकि गलत विवरण मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है. अंतिम सबमिट से पहले पूरे फॉर्म की एक बार दोबारा जांच अवश्य करें.

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पुलिस नोटिस का जवाब नहीं देने पर अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, जानें पूरा मामला

अभिषेक बनर्जी पुलिस नोटिस मामला
अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मोटर वाहन अधिनियम के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में कालीघाट थाना पुलिस द्वारा जारी नोटिस का समय पर जवाब नहीं मिलने के बाद अब उन्हें दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

वीआईपी काफिले को लेकर हुई थी शिकायत

मामले की शुरुआत बागुईआटी निवासी राजीव सरकार की शिकायत से हुई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक बनर्जी के वीआईपी काफिले में शामिल एक वाहन पर दो सुरक्षाकर्मी चलती गाड़ी के बाहर लटककर यात्रा कर रहे थे. शिकायतकर्ता ने इसे यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी.

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शिकायत मिलने के बाद कालीघाट थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के लिए संबंधित वाहन के दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर नोटिस जारी किया था.

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पुलिस ने इस मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 123 और धारा 184 का उल्लेख किया है. धारा 123 के तहत किसी व्यक्ति को वाहन के बाहर या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं है. वहीं धारा 184 लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने अथवा यात्रा करने से संबंधित है.

जवाब नहीं मिलने पर बढ़ेगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटिस पर कोई जवाब नहीं मिलने के कारण अब दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा. यदि इसके बाद भी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा नहीं किए जाते हैं, तो कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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पहले से कई मामलों में जांच का सामना

अभिषेक बनर्जी पहले से ही विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के दायरे में हैं. कथित कोयला तस्करी और शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) उनसे पूछताछ कर चुके हैं. इसके अलावा विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी और चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित ‘डीजे’ बयान से जुड़े मामलों में भी उनके खिलाफ जांच जारी है. सीआईडी (CID) इस बयान से जुड़े मामले में उनकी आवाज का नमूना लेने की प्रक्रिया भी चला रही है.

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बिहार के गोपालगंज में बनेगा 130 करोड़ का बाइपास, 6 प्रखंडों के लोगों को जाम से मिलेगी राहत

मीरगंज बाइपास सड़क परियोजना
गोपालगंज में बनेगा बाइपास(सांकेतिक तस्वीर)

Bihar New Bypass: गोपालगंज जिले के मीरगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार मीरगंज शहर को भागीपट्टी-समउर मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए नए बाइपास का निर्माण कराने जा रही है. करीब 130 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ आसपास के कई प्रखंडों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी.

3.18 किलोमीटर लंबा होगा नया बाइपास

प्रस्तावित बाइपास की लंबाई 3.18 किलोमीटर और चौड़ाई लगभग 30 मीटर होगी. पथ निर्माण विभाग इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुका है. अब जमीन की नापी, सीमांकन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके.

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मीरगंज शहर में कम होगा ट्रैफिक का दबाव

मीरगंज गोपालगंज का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है. इसी कारण शहर में अक्सर लंबा जाम लग जाता है. करीब पांच वर्ष पहले मीरगंज-सिवान बाइपास बनने के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी थी.

नए बाइपास के बनने से हथुआ, भोरे, कटेया, विजयीपुर, उचकागांव और पंचदेवरी समेत छह प्रखंडों के लोगों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे यात्रा का समय घटेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा.

एनएच-531 से भागीपट्टी-समउर मार्ग तक बनेगी सड़क

यह बाइपास एनएच-531 पर स्थित सलेमपट्टी पेट्रोल पंप के पास से शुरू होकर मीरगंज-भागीपट्टी-समउर मार्ग के दूसरे किलोमीटर तक बनाया जाएगा. इस परियोजना को सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है.

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इसके चालू होने के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों और देवरिया तक पहुंचना आसान होगा. साथ ही ऐतिहासिक सबेया एयरपोर्ट का संपर्क भी जिला मुख्यालय से बेहतर हो जाएगा.

रेलवे फाटक की परेशानी भी होगी खत्म

बाइपास परियोजना के साथ सलेमपट्टी गांव के पास सिवान-थावे रेलखंड पर एक रेलवे ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा. यह पुल थावे और हथुआ रेलवे स्टेशनों के बीच बनेगा. इसके बनने के बाद लोगों को रेलवे फाटक पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यातायात निर्बाध रूप से चलता रहेगा.

भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, सलेमपट्टी पेट्रोल पंप से मीरगंज-भागीपट्टी-समउर मार्ग तक बनने वाले बाइपास के लिए भूमि अधिग्रहण, सीमांकन और रकबा निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके पूरा होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी.

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मुंबई में बारिश बनी आफत, पेड़ गिरने से 2 मौत, स्कूल-कॉलेज बंद, हवाई सेवा भी प्रभावित

मुंबई में भारी बारिश से जलभराव
मुंबई में बारिश बनी आफत.

Mumbai Rains: मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. शहर के कई हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. बीते दो दिनों में पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद सोमवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है.

पेड़ गिरने से दो लोगों की गई जान

रविवार दोपहर कुर्ला पश्चिम के नौपाड़ा इलाके में हिंदी बीएमसी स्कूल के पास एक दुकान पर पेड़ गिर गया. इस हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, गोरेगांव पूर्व की आरे कॉलोनी में शनिवार को मोटरसाइकिल से गुजर रहे एक युवक के सिर पर पेड़ की भारी शाखा गिर गई. गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना की पुष्टि रविवार को हुई.

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पिछले एक सप्ताह से भी कम समय में मुंबई में पेड़ गिरने से मरने वालों की संख्या तीन हो चुकी है. इससे पहले 30 जून को चेंबूर में चलती स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक छात्र की जान चली गई थी.

रेड अलर्ट के बीच स्कूल-कॉलेजों में अवकाश

लगातार हो रही भारी बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रेड अलर्ट को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सोमवार, 6 जुलाई को मुंबई के सभी सरकारी, निजी और बीएमसी के स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है. प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है. हालांकि सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे.

शहर में जलभराव, यातायात पर असर

रविवार रात से जारी तेज बारिश के कारण मुंबई के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया. कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक भारी से अत्यंत भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है.

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तेज हवाओं से एयरपोर्ट संचालन भी प्रभावित

बारिश और तेज हवाओं का असर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी देखने को मिला. रविवार सुबह लगभग 10 बजे खराब मौसम, कम दृश्यता और करीब 78 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण रनवे का संचालन करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा.

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अनुसार यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया. इस दौरान इंडिगो की चार उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि विभिन्न एयरलाइनों की 13 उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा. मौसम में सुधार के बाद उड़ानों का संचालन फिर से सामान्य कर दिया गया.

24 घंटे में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज

बीएमसी के स्वचालित रेन गेज नेटवर्क के मुताबिक रविवार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में मुंबई के कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर 300 मिमी का आंकड़ा भी पार हो गया.

सबसे ज्यादा 310.6 मिमी बारिश विक्रोली पश्चिम स्थित बिल्डिंग प्रपोजल ऑफिस में दर्ज की गई. इसके अलावा कोलाबा पंपिंग स्टेशन में 306.6 मिमी और विक्रोली के टैगोर नगर म्यूनिसिपल स्कूल क्षेत्र में 301.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई.

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डाक विभाग की नई पहल: 24 और 48 घंटे में स्पीड पोस्ट डिलीवरी का दावा, देरी पर मिलेगा रिफंड

India Post Speed Post Delivery
इंडिया पोस्ट.

India Post Update : भारतीय डाक विभाग ने अपने उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव देने के लिए एक्सप्रेस डाक और पार्सल सर्विस की रफ्तार तथा विश्वसनीयता को अपग्रेड करने का फैसला किया है. इस बड़े बदलाव के अंतर्गत विभाग द्वारा 24 स्पीड पोस्ट एवं 48 स्पीड पोस्ट नाम से बिल्कुल नई अत्याधुनिक सेवाएं शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है.

तय समय सीमा में पहुंचेगा सामान वरना वापस होगी रकम

डाक प्रबंधन के मुताबिक, 24 स्पीड पोस्ट योजना के तहत भेजे गए पार्सल को एक दिन के अंदर और 48 स्पीड पोस्ट के माध्यम से बुक किए गए पैकेट को दो दिनों के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है. यदि विभाग तय अवधि में सामग्री डिलीवर करने में असफल रहता है, तो उपभोक्ताओं को मुआवजे के तौर पर उनकी पूरी धनराशि रिफंड कर दी जाएगी.

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महानगरों के बाद अब बिहार के प्रमुख शहरों में विस्तार

वर्तमान समय में यह विशेष एक्सप्रेस सेवा दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे चुनिंदा मेट्रो सिटीज में ही संचालित की जा रही है. हालांकि, आगामी चरणबद्ध योजना के तहत इस सर्विस का दायरा बढ़ाते हुए इसे मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पटना जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भी क्रियान्वित किया जाएगा.

सुरक्षा चक्र मजबूत: रियल-टाइम ट्रैकिंग और वन टाइम पासवर्ड की सुविधा

इन विशिष्ट सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) पर आधारित डिलीवरी सिस्टम, लाइव ट्रैकिंग और तत्काल एसएमएस नोटिफिकेशन जैसी एडवांस्ड फीचर्स को जोड़ा गया है. इस तकनीक के इस्तेमाल से पार्सल की सेफ्टी सुनिश्चित होगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.

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India Post Update : व्यापारिक वर्ग और ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए विशेष पैकेज

लॉजिस्टिक्स चेन को सुगम और तीव्र बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ई-कॉमर्स पोर्टल्स के लिए निशुल्क पिक-अप, “पहले बुकिंग-बाद में भुगतान” (बुक नाउ-पे लेटर) और सेंट्रलाइज्ड बिलिंग जैसी कॉर्पोरेट सहूलियतें भी पेश की हैं.

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‘पूरे भारत का गौरव है वैभव सूर्यवंशी’, गिरिराज सिंह ने युवा खिलाड़ी को सराहा; कश्मीर मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

Giriraj Singh Begusarai
गिरिराज सिंह(फाइल फोटो)

Giriraj Singh : भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय आगमन पर उभरते हुए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की खुलकर प्रशंसा की और इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से संबंधित विवादित पुस्तकों के पाए जाने के मामले पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने एक तरफ जहां वैभव की असाधारण खेल प्रतिभा को रेखांकित किया, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए उन पर तुष्टिकरण के खेल में शामिल होने का गंभीर आरोप मढ़ दिया.

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‘अद्भुत और अद्वितीय क्षमता के धनी हैं वैभव सूर्यवंशी’

गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वैभव सूर्यवंशी की पहचान केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे राष्ट्र की शान हैं. उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और रवि शास्त्री जैसी क्रिकेट जगत की महान हस्तियों ने भी इस युवा खिलाड़ी के हुनर का लोहा माना है.

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस तरह के विरले खिलाड़ी सदियों में कभी-कभार ही सामने आते हैं. वैभव ने बेगूसराय की धरती पर लगभग 5 से 6 वर्षों तक क्रिकेट का कड़ा अभ्यास किया है. उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में यह खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर देश का परचम लहराएगा.

‘क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर देश का बेटा है यह खिलाड़ी’

बीजेपी नेता ने जोर देकर कहा कि वैभव सूर्यवंशी को समस्तीपुर, बेगूसराय या सिर्फ बिहार के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. वह पूरे हिंदुस्तान की धरोहर हैं और हर एक देशवासी को उनकी सफलताओं पर गर्व महसूस करना चाहिए.

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Giriraj Singh : घाटी में विवादित पुस्तकों की मौजूदगी पर विपक्ष को घेरा

जम्मू-कश्मीर की एक लाइब्रेरी में कथित रूप से आतंकवाद से जुड़े साहित्य और किताबों के रखे होने की खबर पर भी गिरिराज सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि चौतरफा विरोध प्रदर्शनों के बाद भले ही उन किताबों को वहां से हटा दिया गया हो, लेकिन ऐसी घटना का सामने आना ही अपने आप में बेहद चिंताजनक और निंदनीय है.

‘कुर्सी के लिए तुष्टिकरण का सहारा ले रहे विरोधी दल’

केंद्रीय मंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ चुनिंदा राजनीतिक दल महज सत्ता सुख भोगने के लिए वोट बैंक और तुष्टिकरण की राह पर चल रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि वर्तमान सरकार इस तरह की विचारधारा के सख्त खिलाफ है और देश के भीतर आतंक की राह पर चलने वाले किसी भी तत्व की तारीफ या उसका महिमामंडन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अखिलेश यादव और राहुल गांधी की खामोशी पर दागे सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बेहद संवेदनशील मामले पर इन दोनों शीर्ष नेताओं की चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर खुलकर स्टैंड लेने से हमेशा कतराता है.

‘देश विरोधी ताकतों को नायक बनाना दुर्भाग्यपूर्ण’

गिरिराज सिंह ने अंत में कहा कि किसी भी आतंकवादी का महिमामंडन करना या उसे महान साबित करने की कोशिश करना राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य है. आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए पूरे देश को एक सुर में खड़े रहना होगा और ऐसे मसलों पर किसी भी किस्म का समझौता या नरमी दिखाने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.

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