Meta : डिजिटल प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों में बच्चों के उत्पीड़न से संबंधित सामग्री परोसे जाने को लेकर केंद्र सरकार ने मेटा प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. सूत्रों के हवाले से संडे को सामने आई पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने सोशल मीडिया पैरेंट कंपनी को एक कड़ा नोटिस प्रेषित किया है. इस आधिकारिक पत्र के जरिए मेटा को साफ तौर पर हिदायत दी गई है कि वे बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले ऐसे सभी एडवरटाइजमेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से फौरन डिलीट करें.
पीएम मोदी के मेलबर्न दौरे से पहले मिली धमकी, एक्शन में आई ऑस्ट्रेलियाई पुलिस
Government issues stern notice to Meta on child sexual abuse material in Instagram advertisements: Sources. pic.twitter.com/UV9qDrTK3V
— Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2026
आईटी मंत्रालय ने कड़े कदम उठाते हुए जारी किया आदेश
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा उठाए गए इस कदम के तहत इंस्टाग्राम को वह सारा डेटा और सामग्री हटाने को कहा गया है, जो नाबालिगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या शोषण को बढ़ावा देती है या उसकी पहुंच को आसान बनाती है. अंदरूनी सूत्रों ने पुष्टि की है कि इंस्टाग्राम पर दिखाए जा रहे सशुल्क (पेड) विज्ञापनों में बच्चों के प्रति गलत बर्ताव और संवेदनशील सामग्री से जुड़े इस गंभीर मामले पर मेटा को यह नोटिस शनिवार को ही डिलीवर कर दिया गया था.
एक हफ्ते की समय सीमा: लापरवाही पर पोक्सो एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
आईटी मिनिस्ट्री ने इस बेहद संवेदनशील विषय पर कंपनी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिनों की मोहलत दी है. यदि तय समय सीमा के भीतर मेटा की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
भारत सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को घोषित किया आतंकवादी, हाफिज सईद के करीबी भी सूची में शामिल
ध्यान रहे कि सरकार ने पिछले दिनों मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को भी ऐसा ही एक नोटिस देकर फिल्मों की पायरेसी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट की अवैध शेयरिंग पर लगाम लगाने को कहा था.
इसे भी पढ़ें-

