Jio IPO: रिलायंस समूह की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है. कंपनी के बोर्ड ने सार्वजनिक निर्गम से जुड़ी प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है. इसके तहत कंपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा प्रमुख शेयर बाजारों के समक्ष दाखिल करेगी. इस फैसले के बाद जियो की शेयर बाजार में एंट्री की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं.
Board of Directors of Jio Platforms Limited (JPL) has today approved the Draft Red Herring Prospectus to be filed with the Securities and Exchange Board of India, BSE Limited and National Stock Exchange of India Limited in connection with its proposed Initial Public Offer. pic.twitter.com/BXP9FxkqTW
— ANI (@ANI) June 19, 2026
नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना
कंपनी ने जानकारी दी है कि सार्वजनिक निर्गम के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. शेयरों का अंतिम मूल्य बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से तय होगा. हालांकि कंपनी की ओर से अभी मूल्य सीमा और कुल इश्यू साइज की घोषणा नहीं की गई है.
AGM में सामने आई बड़ी घोषणा
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग को कंपनी के सबसे अहम कार्यक्रमों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि जियो का सार्वजनिक बाजार में प्रवेश भारतीय तकनीकी क्षेत्र की क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा.
#WATCH | At the 49th AGM of the company, Reliance Industries Limited Chairman and Managing Director Mukesh Ambani says, "10 years ago, Jio began its journey with an audacious dream to remove digital inequality from India. At that time, voice was costly, data was expensive, and… pic.twitter.com/UvDiSaQ7Y2
— ANI (@ANI) June 19, 2026
अंबानी के अनुसार, यह कदम दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां विकसित करने और उन्हें बड़े मूल्य तक पहुंचाने की क्षमता रखता है.
नई पीढ़ी संभाल रही अहम जिम्मेदारी
मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो के अगले विकास चरण की कमान आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी के हाथों में है. उन्होंने कहा कि कंपनी के विस्तार और मूल्य वृद्धि से जुड़ी रणनीतियों के साथ-साथ आईपीओ प्रक्रिया की निगरानी भी यही टीम कर रही है.
रिकॉर्ड बना सकता है जियो का सार्वजनिक निर्गम
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है. विभिन्न अनुमानों के अनुसार कंपनी का संभावित मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच हो सकता है. वहीं इश्यू का आकार लगभग 4 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि इन आंकड़ों को लेकर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
रिलायंस के पास बनी हुई है बड़ी हिस्सेदारी
वर्तमान समय में जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की हिस्सेदारी 66.43 प्रतिशत है. माना जा रहा है कि आईपीओ के बाद भी रिलायंस कंपनी में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी बनाए रखेगी.
5G विस्तार पर रहेगा विशेष जोर
जियो ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी विकास रणनीति भी सामने रखी है. कंपनी का लक्ष्य अपने अधिकांश ग्राहकों को 5G नेटवर्क से जोड़ना है. साथ ही 6G तकनीक से जुड़े अनुसंधान और विकास गतिविधियों पर भी फोकस किया जाएगा.
एयरफाइबर नेटवर्क का बढ़ेगा दायरा
जियो एयरफाइबर सेवा के विस्तार को भी कंपनी ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है. कंपनी का दावा है कि अधिकांश इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे किए जा रहे हैं. साथ ही हर दिन बड़ी संख्या में नए ब्रॉडबैंड कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं.
छोटे कारोबारों के डिजिटलीकरण पर ध्यान
जियो ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए JioPC जैसे प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाया जाएगा. कंपनी का उद्देश्य कम लागत पर डिजिटल समाधान उपलब्ध कराना है ताकि छोटे व्यवसाय भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें.
AI सेवाओं का बढ़ेगा उपयोग
उपभोक्ता सेवाओं, नेटवर्क संचालन और ग्राहक सहायता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को और व्यापक बनाने की तैयारी है. कंपनी का मानना है कि AI आधारित सेवाएं संचालन क्षमता और ग्राहक अनुभव दोनों को बेहतर बनाएंगी.
वैश्विक बाजारों पर भी नजर
जियो अपने 5G, फिक्स्ड वायरलेस और AI आधारित प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी का लक्ष्य भारत में विकसित तकनीकों को वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक रूप से स्थापित करना है.
प्रति ग्राहक आय बढ़ाने की रणनीति
कंपनी का फोकस प्रीमियम 5G सेवाओं, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और AI आधारित उत्पादों के जरिए प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाने पर रहेगा. मुकेश अंबानी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में जियो की विकास यात्रा और मजबूत होने की उम्मीद है.
निवेशकों की बढ़ी उत्सुकता
जियो की संभावित लिस्टिंग को लेकर निवेशकों के बीच लंबे समय से उत्साह बना हुआ है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनुमानित मूल्यांकन हासिल होता है तो यह आईपीओ भारत के साथ-साथ वैश्विक तकनीकी क्षेत्र के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है.
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