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Gautam Adani in Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में रविवार को एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई. उद्योगपति Gautam Adani अपनी पत्नी Priti Adani के साथ सारण जिले के मस्तीचक पहुंचे, जहां ग्रामीण नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया गया. इस योजना का उद्देश्य गांवों और पिछड़े इलाकों तक बेहतर और सस्ती आंखों की चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है.
मंदिर में पूजा के बाद कार्यक्रम की शुरुआत
मस्तीचक पहुंचने के बाद गौतम अदाणी और प्रीति अदाणी ने स्थानीय गायत्री मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद दोनों भूमिपूजन समारोह में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अस्पताल से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे.
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और नेत्र चिकित्सा को गांवों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन ने इसे भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं में से एक बताया.
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की कोशिश
यह परियोजना अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से विकसित की जा रही है. योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार समेत उत्तर और मध्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है.
परियोजना के तहत न केवल इलाज की सुविधा बढ़ाई जाएगी, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी.
गांवों तक पहुंचेगी मोबाइल हेल्थ सेवा
इस पहल के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट भी चलाई जाएंगी, जो गांव-गांव जाकर आंखों की जांच और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएंगी. दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और उपचार मिलने से आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकेगा.
सामाजिक सेवा को लेकर अदाणी समूह की बड़ी पहल
अदाणी समूह लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में यह परियोजना भी ग्रामीण समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आने वाले समय में यह नेटवर्क ग्रामीण नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े मॉडल के रूप में विकसित हो सकता है, जहां कम खर्च में आधुनिक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.
बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मिल सकती है मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी. खासकर आंखों की बीमारी से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है.
परियोजना पूरी होने के बाद अत्याधुनिक इलाज, प्रशिक्षण और मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़कर ग्रामीण इलाकों में नया हेल्थ नेटवर्क तैयार करने की योजना है.
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