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Rajgir Malmas Mela 2026: बिहार की प्राचीन धार्मिक नगरी Rajgir में रविवार से राजकीय मलमास मेला 2026 की शुरुआत हो गई. आध्यात्म, सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़े इस विशाल आयोजन के शुरू होते ही राजगीर का माहौल पूरी तरह बदल गया है. शहर के मंदिरों, कुंडों और प्रमुख रास्तों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है, जबकि हर ओर भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है.
मलमास मेले के आगाज को लेकर शहर को विशेष रूप से सजाया गया है. प्रमुख चौक-चौराहों, मंदिर मार्गों और मेला क्षेत्र में आकर्षक रोशनी और सजावटी द्वार लगाए गए हैं. शाम ढलते ही पूरा राजगीर जगमग नजर आने लगा है.
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देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
मेला शुरू होने के साथ ही बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन तेज हो गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार मलमास अवधि में राजगीर में स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व माना जाता है. इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.
धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया. कई श्रद्धालु ब्रह्मकुंड और अन्य पवित्र कुंडों में स्नान कर पूजा-अर्चना करते नजर आए.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े इंतजाम
जिला प्रशासन ने इस बार मेले को लेकर विशेष तैयारी की है. लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए आवास, पेयजल, सफाई और रोशनी की व्यवस्था को मजबूत किया गया है.
मेला क्षेत्र में अस्थायी शिविर और विश्राम स्थल बनाए गए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को ठहरने में परेशानी न हो. इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय और साफ-सफाई के लिए अलग टीमों की तैनाती की गई है.
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर खास फोकस
भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं. शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है.
सुरक्षा के लिहाज से भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मेला क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को लगाया गया है. कई जगहों पर निगरानी टीम और नियंत्रण केंद्र भी बनाए गए हैं.
स्वास्थ्य सेवाएं भी रहेंगी सक्रिय
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप लगाए गए हैं. आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को 24 घंटे तैयार रहने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का बड़ा केंद्र
मलमास मेला बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सहभागिता की भी झलक देखने को मिलती है.
राजगीर में शुरू हुआ यह आध्यात्मिक आयोजन आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा और पूरा शहर फिर से आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल हो जाएगा.
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