Old Pension Scheme Bihar: पुरानी पेंशन योजना की बहाली और संविदा व आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग को लेकर भागलपुर में विभिन्न विभागों के शिक्षक-कर्मियों ने साझा संघर्ष का संकल्प लिया. पेंशनर भवन में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट), जिला शाखा भागलपुर की ओर से आयोजित कन्वेंशन में अलग-अलग कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. कन्वेंशन में पुरानी पेंशन की बहाली के साथ संविदा और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठायी गयी.
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कन्वेंशन में जिला अध्यक्ष ब्रजराज कुमार चौधरी, जिला सचिव राकेश अम्बष्ट, महासंघ के राज्य अध्यक्ष निरंजन कुमार सिन्हा, राज्य महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा, राज्य सचिव गोपाल पासवान, पूर्णिया के जिलाध्यक्ष पवन कुमार जायसवाल तथा एनएमओपीएस की बिहार प्रदेश इकाई के मुख्य समन्वयक शशि कांत शशि उपस्थित रहे.
वक्ताओं ने संविदा पर लगातार नियुक्तियां किये जाने और पुरानी पेंशन के स्थान पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू किये जाने की नीति से होने वाले आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का मुद्दा उठाया. उन्होंने शिक्षकों और कर्मियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए इन मांगों को लेकर संगठित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया.
कन्वेंशन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ रेलवे, आयकर विभाग, स्वास्थ्य सेवा संघ, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, तिलकामांझी विश्वविद्यालय, बिहार पुलिस एसोसिएशन, बिजली मजदूर संघ, नगर निगम संघ और बंदोबस्त सह चकबंदी विभाग सहित विभिन्न संस्थानों एवं विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखीं.
प्रतिनिधियों ने पुरानी पेंशन की बहाली और संविदा, आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा की समाप्ति के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करने पर सहमति जतायी. कन्वेंशन में सरकार से पुरानी पेंशन योजना जल्द बहाल करने की मांग करते हुए आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया.
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