इस खबर में क्या है?
Pirpainti Power Plant: पीरपैंती में प्रस्तावित थर्मल पावर प्लांट के लिए रेल-सह-सड़क कॉरिडोर निर्माण का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है. जिला भू-अर्जन कार्यालय ने सभी आपत्तियों के निस्तारण, जांच और जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 161.01 एकड़ भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है. इस परियोजना के दायरे में पीरपैंती अंचल के सात मौजे आए हैं, जहां कुल 501 रैयतों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
बसंतपुर और हरिणकोल से सबसे अधिक भूमि
भूमि अधिग्रहण में सबसे बड़ा हिस्सा बसंतपुर और हरिणकोल मौजा का है. बसंतपुर से 65.992 एकड़ भूमि के लिए 191 रैयत प्रभावित होंगे, जबकि हरिणकोल से 56.4686 एकड़ भूमि के लिए 165 रैयतों की जमीन ली जाएगी.
इसके अलावा खिदरपुर मौजा से 17.475 एकड़ भूमि (69 रैयत), इमामनगर से 10.2269 एकड़ (24 रैयत), ककरघट से 7.1906 एकड़ (31 रैयत), चौधरी बसंतपुर से 2.0969 एकड़ (13 रैयत) और महेशराम मौजा से 1.56 एकड़ भूमि (8 रैयत) अधिग्रहित होगी.
किसी परिवार का नहीं होगा विस्थापन
भू-अर्जन विभाग के अनुसार परियोजना के लिए केवल आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. इससे किसी भी परिवार को अपने घर से विस्थापित नहीं होना पड़ेगा. प्रभावित सभी रैयतों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम के तहत निर्धारित दरों के अनुसार मुआवजा और अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
Pirpainti Power Plant: पांच किलोमीटर लंबा बनेगा रेल-सह-सड़क कॉरिडोर
परियोजना के तहत लक्ष्मीपुर होरंग हॉल्ट से सुंदरपुर गांव तक करीब पांच किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा रेल-सह-सड़क कॉरिडोर बनाया जाएगा. रेलवे लाइन के माध्यम से पावर प्लांट तक सीधे कोयले की रैक पहुंचाई जाएगी, जबकि समानांतर बनने वाली सड़क का उपयोग प्लांट के वाहनों के साथ-साथ आम लोगों के आवागमन के लिए भी किया जा सकेगा.
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मौजा-वार भूमि अधिग्रहण की सूची
| मौजा | अधिग्रहित भूमि (एकड़) | प्रभावित रैयत |
|---|---|---|
| बसंतपुर | 65.992 | 191 |
| हरिणकोल | 56.4686 | 165 |
| खिदरपुर | 17.475 | 69 |
| इमामनगर | 10.2269 | 24 |
| ककरघट | 7.1906 | 31 |
| चौधरी बसंतपुर | 2.0969 | 13 |
| महेशराम | 1.56 | 8 |
| कुल | 161.01 | 501 |
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआईए) रिपोर्ट में परियोजना को अंग क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और प्लांट चालू होने के बाद भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. नई सड़क बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी. साथ ही राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ने से ऊर्जा उपलब्धता में सुधार होगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है.
कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताएं
- लंबाई: 5 किलोमीटर
- चौड़ाई: 120 मीटर
- रूट: लक्ष्मीपुर होरंग हॉल्ट से सुंदरपुर गांव तक
- उद्देश्य: पावर प्लांट तक कोयले की रेल आपूर्ति और समानांतर सड़क से बेहतर आवागमन
- लाभ: रोजगार, बेहतर सड़क संपर्क, बिजली उत्पादन में वृद्धि और औद्योगिक विकास को गति.
मुख्य बिंदु
- पीरपैंती पावर प्लांट के रेल-सह-सड़क कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिघोषणा जारी.
- जनसुनवाई, आपत्तियों के निस्तारण और जांच के बाद जिला भू-अर्जन कार्यालय ने अधिघोषणा प्रकाशित की.
- पीरपैंती अंचल के 7 मौजों की 161.01 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण.
- कुल 501 रैयतों की भूमि परियोजना के दायरे में आएगी.
- किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा.
- प्रभावित रैयतों को भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ मिलेंगे.
- लक्ष्मीपुर होरंग हॉल्ट से सुंदरपुर तक 5 किमी लंबा और 120 मीटर चौड़ा रेल-सह-सड़क कॉरिडोर बनेगा.
- रेलवे लाइन से पावर प्लांट तक कोयले की सीधी आपूर्ति होगी, जबकि सड़क आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगी.
- परियोजना से रोजगार, सड़क संपर्क और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद.
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