Vikramshila Setu : 30 सितंबर की आधी रात के बाद विक्रमशिला सेतु से वाहनों का आवागमन बंद होते ही भागलपुर-नवगछिया के बीच आवाजाही का तरीका बदल जाएगा. सड़क मार्ग से पुल पार करने के बजाय यात्रियों के लिए गंगा के रास्ते क्रूज और फेरी सेवा की व्यवस्था की जा रही है. फेरी के लिए तीन घाट बीआईएडीए, बाबूपुर और जाह्नवी चौक को चिन्हित किया गया है, जबकि बरारी पुल घाट से फिलहाल फेरी सेवा नहीं चलेगी.
इन घाटों पर केवल नाव की व्यवस्था ही नहीं होगी, बल्कि पुलिस, एसडीआरएफ, डॉक्टर, एमवीआई और ईएसआई की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी भी रहेगी.
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बरारी घाट को छोड़कर तीन जगह से चलेगी फेरी
बरारी पुल घाट पर नगर प्रशासन बैरिकेडिंग कराएगा. इसका मकसद लोगों को निर्माण क्षेत्र में जाने से रोकना और वहां होने वाली गतिविधियों से यात्रियों को अलग रखना है. इसी वजह से फिलहाल बरारी पुल घाट से फेरी सेवा नहीं चलाने का निर्णय लिया गया है.
यात्रियों को फेरी के लिए बीआईएडीए, बाबूपुर और जाह्नवी चौक घाट जाना होगा. इन घाटों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी और प्रशासनिक निगरानी की व्यवस्था की जाएगी. यात्रियों को घाटों की जानकारी देने के लिए पोस्टर और बैनर भी लगाए जाएंगे.
तीनों घाटों पर पुलिस से लेकर डॉक्टर तक रहेंगे तैनात
बीआईएडीए, बाबूपुर और जाह्नवी चौक घाट पर एमवीआई, ईएसआई, पुलिस, एसडीआरएफ और डॉक्टरों की तैनाती होगी. पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इससे यात्रियों की आवाजाही के साथ घाटों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी.
यात्रियों के लिए तीनों घाटों पर जीविका दीदी की रसोई के माध्यम से भोजन की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी. फेरी सेवा संचालकों को घाटों के आसपास की जमीन लीज पर लेकर संचालन करने की अनुमति दी जा सकती है.
भागलपुर से नवगछिया के बीच चलेगा क्रूज
फेरी के अलावा भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा में क्रूज का भी परिचालन होगा. क्रूज के बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग प्वाइंट पर जिला प्रशासन की ओर से एमवीआई और ईएसआई को तैनात किया जाएगा.
इन अधिकारियों की जिम्मेदारी जलमार्ग पर सुरक्षा मानकों का पालन कराने और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नावों और क्रूज का परिचालन सुनिश्चित कराने की होगी.
1 अक्टूबर से हटेगा बेली ब्रिज
विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन 30 सितंबर की मध्यरात्रि से पूरी तरह बंद होगा. इसके बाद 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू किया जाएगा. स्थायी पुल निर्माण के लिए ठेकेदार का चयन पहले ही हो चुका है.
ठेकेदार चार स्पैन वाले डेक टाइप ट्रस गर्डर तैयार कर चुका है और निर्माण सामग्री बरारी घाट स्थित निर्माण स्थल पर पहुंचायी जा चुकी है. बेली ब्रिज हटने के बाद स्थायी निर्माण का काम शुरू करने का रास्ता साफ होगा.
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प्रशासन ने पहले से तैयार की वैकल्पिक व्यवस्था
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की तैयारियों में सड़क के विकल्प के तौर पर जलमार्ग को शामिल किया गया है. एक तरफ भागलपुर-नवगछिया के बीच क्रूज चलेगा, वहीं दूसरी तरफ तीन अलग-अलग घाटों से फेरी सेवा संचालित की जाएगी.
इस व्यवस्था में बरारी पुल घाट को फेरी सेवा से अलग रखा गया है, जबकि बीआईएडीए, बाबूपुर और जाह्नवी चौक को यात्रियों के लिए तैयार किया जा रहा है.
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