इस खबर में क्या है?
IRCTC Scam Case: आईआरसीटीसी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने फिलहाल अपना फैसला नहीं सुनाया है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई और आदेश के लिए 9 जून की तारीख तय की है. इस केस में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और मीसा भारती समेत कई लोगों के नाम जांच एजेंसियों की कार्रवाई में शामिल हैं.
इस मामले में अदालत पहले भी अपना निर्णय सुरक्षित रख चुकी है. पिछली सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने तत्काल आदेश जारी नहीं किया था. अब नई तारीख मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस केस को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विस्तृत जांच की है. एजेंसी का आरोप है कि रेलवे से जुड़े एक टेंडर आवंटन में नियमों का उल्लंघन किया गया और उसके बदले कुछ लोगों को आर्थिक फायदा पहुंचाया गया.
ईडी द्वारा दाखिल दस्तावेजों में दावा किया गया है कि कुछ कंपनियों और परिवार से जुड़े लोगों के बीच संपत्ति के लेन-देन हुए, जिनकी जांच की जा रही है. एजेंसी ने इसी आधार पर कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
रेल मंत्रालय के कार्यकाल से जुड़ा मामला
पूरा विवाद उस समय से जुड़ा बताया जाता है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. जांच एजेंसियों के मुताबिक, IRCTC के अधीन आने वाले कुछ होटलों के संचालन के लिए टेंडर जारी किए गए थे. आरोप है कि इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.
जांच में यह भी कहा गया कि होटल संचालन का ठेका देने के बदले कुछ संपत्तियों का हस्तांतरण हुआ था. हालांकि, आरोपियों की ओर से इन आरोपों को पहले भी राजनीतिक प्रेरित बताया जाता रहा है.
जमीन सौदे पर उठे सवाल
सीबीआई की जांच में जमीन से जुड़े लेन-देन को भी अहम माना गया है. एजेंसी का कहना है कि एक कंपनी से दूसरी कंपनी को बेहद कम कीमत पर जमीन ट्रांसफर की गई थी. जांच अधिकारियों के अनुसार, जिस संपत्ति का सौदा हुआ उसकी बाजार कीमत काफी अधिक बताई गई, जबकि कागजों में उसकी कीमत बहुत कम दिखाई गई.
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इसी बिंदु को जांच एजेंसियां कथित आर्थिक लाभ और अनियमितता से जोड़कर देख रही हैं. सीबीआई और ईडी दोनों इस मामले में अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं.
कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर
राउज एवेन्यू कोर्ट पहले ही इस मामले में कुछ आरोपियों के खिलाफ आगे की प्रक्रिया को मंजूरी दे चुकी है. अब 9 जून को आने वाले आदेश को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. माना जा रहा है कि अदालत का अगला कदम तय करेगा कि केस की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी.
इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी लगातार बयानबाजी जारी है. विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब अदालत के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं.
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