Deoghar News: झारखंड के देवघर(Deoghar) में सक्रिय नशा कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. देवघर पुलिस ने मोहनपुर इलाके में कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित ब्राउन शुगर सप्लाई चेन का खुलासा किया है. इस अभियान में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए नशीले पदार्थ की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है.
गिरफ्तार लोगों में दो युवक पश्चिम बंगाल से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो आरोपी देवघर के रहने वाले हैं. पुलिस ने उनके पास से नकद रकम, वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.
गुप्त सूचना के बाद बिछाया गया जाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार देर रात सूचना मिली थी कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में बाहर से कुछ लोग नशीला पदार्थ लेकर पहुंचे हैं और उसकी डिलीवरी की तैयारी चल रही है. सूचना को गंभीर मानते हुए तत्काल विशेष टीम बनाई गई.
इसके बाद बड़ा झरना और खरगडीहा की ओर जाने वाले इलाके में निगरानी बढ़ाई गई. पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए आने-जाने वाले वाहनों की जांच शुरू की. इसी दौरान एक कार और एक बाइक को रोककर तलाशी ली गई.
दो अलग-अलग वाहनों से पहुंचे थे आरोपी
जांच में सामने आया कि पश्चिम बंगाल के वीरभूम इलाके से जुड़े दो लोग कार से पहुंचे थे. वहीं देवघर के दो युवक बाइक से वहां पहुंचे थे. पुलिस को शक है कि स्थानीय स्तर पर सप्लाई का काम इन्हीं के माध्यम से किया जाता था.
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तलाशी के दौरान पुलिस को पैकेट में रखा ब्राउन शुगर जैसा पदार्थ मिला. जांच में इसकी मात्रा 102 ग्राम से अधिक पाई गई. इसके अलावा करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए.
मौके से एक आई-10 कार, एक मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस अब मोबाइल डेटा के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है.
कई जिलों तक फैला होने का शक
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल देवघर तक सीमित नहीं था. जांच एजेंसियों को आशंका है कि झारखंड और बिहार के कई इलाकों में इसकी सप्लाई की जा रही थी.
पुलिस का कहना है कि पश्चिम बंगाल से सड़क मार्ग के जरिए खेप लाई जाती थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर छोटे पैकेट बनाकर ग्राहकों तक पहुंचाई जाती थी. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
पुराने मामलों से भी जुड़े मिले सुराग
गिरफ्तार स्थानीय आरोपियों के बारे में जांच में पता चला है कि उनका नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी पहले जेल जा चुके हैं और हाल के दिनों में दोबारा सक्रिय हुए थे.
अब पुलिस इनके आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं.
पूछताछ में सप्लाई सिस्टम का खुलासा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने माना है कि वे पहले भी कई बार इस तरह की सप्लाई कर चुके हैं. सप्लायर तय स्थान तक खेप पहुंचाते थे और स्थानीय लोग आगे वितरण का काम संभालते थे.
जांच एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है और इसकी फंडिंग कहां से हो रही थी.
छोटे विक्रेताओं और नशा करने वालों पर भी नजर
देवघर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में केवल बड़े सप्लायर ही नहीं, बल्कि मोहल्लों और गांवों में नशा बेचने वाले छोटे कारोबारियों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा.
इसके साथ ही नशे के सेवन में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए लगातार निगरानी और छापेमारी जारी रहेगी.
पुलिस टीम की कार्रवाई की हो रही चर्चा
इस पूरी कार्रवाई में एसडीपीओ स्तर से लेकर थाना और तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही. कम समय में सूचना पर कार्रवाई कर गिरोह तक पहुंचने को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा था और पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क चलाने वालों में डर पैदा होगा.
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