Jharkhand High Court : रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में ऊर्जा और ईंधन संकट को देखते हुए न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुचारू और आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अदालत ने आदेश जारी करते हुए सभी अधीनस्थ न्यायालयों में मुकदमों की सुनवाई अब हाइब्रिड मोड में कराने का निर्देश दिया है, जिसमें फिजिकल और वर्चुअल दोनों माध्यम शामिल होंगे.
मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर जारी हुआ आदेश
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा ने राज्य के सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को यह आदेश भेजा है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक प्रक्रिया को बाधित किए बिना तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए.
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ऑनलाइन सुनवाई को मिलेगा बढ़ावा
आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी सिविल कोर्टों में पहले से ही ऑनलाइन सुनवाई के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं मौजूद हैं. ऐसे में अब मामलों की सुनवाई को केवल भौतिक उपस्थिति तक सीमित रखने के बजाय डिजिटल माध्यम से भी समान रूप से संचालित किया जाएगा. कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को वर्चुअल सुनवाई के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया है.
न्यायिक कर्मियों के लिए साझा वाहन व्यवस्था पर जोर
ईंधन संकट को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को कार-पूलिंग और वाहन साझा करने की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी है. इसका उद्देश्य संसाधनों की बचत के साथ-साथ आवागमन को अधिक व्यावहारिक बनाना है.
गवाह और पक्षकार भी कर सकेंगे ऑनलाइन पेशी
आदेश के अनुसार अब गवाह, अधिवक्ता और पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अदालत में पेश हो सकेंगे. हालांकि, सभी मामलों में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य रहेगा, ताकि न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे.
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