🟡 Gold (10g) : ₹ 1,22,242.64 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 1,57,174.37 💵 USD / INR : ₹ 95.24 📈 Sensex : 74,255.55 (0.14%) 📊 Nifty 50 : 22,974.00 (0.16%)
🟡 Gold (10g) : ₹ 1,22,242.64 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 1,57,174.37 💵 USD / INR : ₹ 95.24 📈 Sensex : 74,255.55 (0.14%) 📊 Nifty 50 : 22,974.00 (0.16%)
विज्ञापन

वायरल वीडियो

Watch Video: भूटान में ग्लेशियल झील फटने से मो छू नदी में उफान, सिंचाई परियोजना तबाह; हाईवे बंद

Bhutan Flash Flood : भूटान के पुनाखा में ग्लेशियल झील से अचानक पानी निकलने के बाद मो छू नदी में उफान आ गया. बाढ़ से इसी साल स्थापित सोलर सिंचाई परियोजना ठप हो गई और पुनाखा-गासा हाईवे पर भारी मलबा जमा हो गया. संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं.

विज्ञापन

Bhutan Flash Flood : भूटान के पुनाखा में ग्लेशियल झील से अचानक पानी निकलने के बाद मो छू नदी में उफान आ गया. बाढ़ से इसी साल स्थापित सोलर सिंचाई परियोजना ठप हो गई और पुनाखा-गासा हाईवे पर भारी मलबा जमा हो गया. संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं.

विज्ञापन

Bhutan Flash Flood: भूटान में ग्लेशियल झील से अचानक पानी निकलने के बाद आई बाढ़ ने पुनाखा इलाके में भारी नुकसान पहुंचाया है. मो छू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से इसी साल शुरू की गई सोलर सिंचाई परियोजना ठप हो गई है. वहीं, बाढ़ के साथ आए विशाल पत्थरों और मलबे ने पुनाखा-गासा हाईवे को बाधित कर दिया है. इस घटना से स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है.

इसे भी पढ़ें-यूक्रेन में दो ट्रेनों पर रूसी ड्रोन हमला, 13 की मौत; जेलेंस्की ने मांगे कड़े प्रतिबंध

सोलर सिंचाई सिस्टम पर बाढ़ की मार, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

पुनाखा में सिंचाई के पानी की समस्या दूर करने के लिए इसी साल सोलर आधारित इरिगेशन सिस्टम लगाया गया था. इस परियोजना के माध्यम से किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा था. लेकिन मो छू नदी में अचानक आए उफान ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया.

स्थानीय प्रतिनिधि के मुताबिक, बाढ़ के बाद सिंचाई सिस्टम फिलहाल काम नहीं कर रहा है. परियोजना को कितना नुकसान हुआ है, इसका विस्तृत आकलन अभी नहीं किया गया है. इस व्यवस्था के ठप होने से सिंचाई के लिए इस पर निर्भर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

जोमलिंगथांग में मलबे से सड़क जाम, वाहनों की आवाजाही प्रभावित

बाढ़ का पानी अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर, मिट्टी और भारी मलबा लेकर आया. इसके कारण जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा हाईवे का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया है. सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

शिंताफू ग्लेशियल झील से निकला पानी, निचले इलाकों तक पहुंचा

इस बाढ़ की वजह गासा जिले में स्थित शिंताफू झील से पानी का अचानक बाहर निकलना बताया जा रहा है. गुरुवार, 29 अक्टूबर की शाम झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना सामने आई. यह झील मो छू नदी के उद्गम क्षेत्र में स्थित है. इसे भूटान की उन 17 ग्लेशियल झीलों में शामिल किया गया है, जिन्हें संभावित रूप से खतरनाक माना गया है.

झील से निकला पानी तेजी से निचले इलाकों की तरफ बढ़ा. बाढ़ का पानी पुनाखा के करीब काबेसा गेओग के स्रिगांग तक पहुंचने की खबर है. यह स्थान पुनाखा जोंग से लगभग 8 किलोमीटर दूर है.

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में NDRF-SDRF तैनात

भूटान में बाढ़ की घटना के बाद संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के तूफानगंज और बॉक्सिरहाट इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं. प्रशासन नदी के जलस्तर और परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहा है.

अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह ने लोगों से घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सतर्क हैं तथा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-फ्रांस में हिंसा के लिए ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार, सीमाएं बंद करने की अपील

GLOF क्या है, कैसे अचानक तबाही मचा देती है ग्लेशियल बाढ़?

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF ऐसी बाढ़ है, जो ग्लेशियरों के आसपास बनी झीलों का पानी अचानक बाहर निकलने से आती है. इन झीलों में पानी बर्फ, चट्टानों और मिट्टी से बने प्राकृतिक अवरोधों के पीछे जमा रहता है. जब यह अवरोध टूट जाता है या कमजोर पड़ता है, तो पानी तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर बहने लगता है.

GLOF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पानी के साथ भारी मात्रा में पत्थर, मिट्टी, पेड़ और अन्य मलबा भी बहकर आता है. इससे सड़कें, पुल, सिंचाई व्यवस्था, बिजली परियोजनाएं और रिहायशी इलाके प्रभावित हो सकते हैं. हिमालयी क्षेत्र में ऐसी घटनाएं पहाड़ी इलाकों और नदी किनारे बसे लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं.

इसे भी पढ़ें-

रूस से तेल खरीदने पर भारत-चीन पर लागू होगा 100% टैरिफ? US में बिल पास
जंग का नया मोर्चा तेल बना, मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने 5 टैंकर तबाह किए
विज्ञापन
Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
✉ HelloCities24
जरूरी खबरें और खास अपडेट, सीधे आपके इनबॉक्स में
देश-दुनिया की अहम खबरें और चुनिंदा अपडेट अब सीधे आपके ईमेल पर।
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

विज्ञापन
Patna
light rain
20.8 ° C
20.8 °
20.8 °
89%
5.9m/s
100%
शुक्र
21 °
शनि
28 °
रवि
29 °
सोम
30 °
मंगल
30 °

अन्य खबरें

विज्ञापन