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निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, जेल से रिहाई का आदेश

Ranchi News: सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आईएएस विनय चौबे को जमानत देते हुए कई सख्त शर्तों के साथ जेल से रिहा करने का आदेश दिया है. यह मामला 2009-10 के कथित जमीन और वित्तीय अनियमितताओं तथा 2022 की उत्पाद नीति से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच एसीबी द्वारा की जा रही है.

Ranchi News: रांची से जुड़े एक अहम मामले में विनय चौबे(Vinay Choubey) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए जेल से रिहा करने का आदेश दिया है, हालांकि इस राहत के साथ कई सख्त शर्तें भी लागू की गई हैं. अदालत ने साफ कहा है कि जांच पूरी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए और आरोपी को जांच में पूरा सहयोग करना होगा.

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनाया फैसला

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की पीठ बीवी नागरथना(B. V. Nagarathna) और उज्ज्वल भुयान(Ujjal Bhuyan) द्वारा सुनवाई के बाद दिया गया. सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और इसकी शुरुआत वर्ष 2009-10 के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी बताई जा रही है.

पीठ ने कहा कि मामले की जांच अभी भी जारी है और राज्य सरकार की एजेंसियां पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही हैं.

2009-10 के जमीन और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ा विवाद

अदालत में यह तर्क दिया गया कि यह पूरा मामला उस समय का है जब विनय चौबे हजारीबाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे. आरोपों में जमीन से जुड़े फैसलों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई है.

सरकारी पक्ष का कहना है कि इस मामले में कई स्तरों पर निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं और यह जांच का विषय है. फिलहाल आरोपी पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में थे.

2022 उत्पाद नीति मामले से भी जुड़ा नाम

जांच एजेंसियों के अनुसार एक अलग मामला 2022 की उत्पाद नीति से भी जुड़ा है. आरोप है कि कुछ कंपनियों को मैनपावर सप्लाई के लिए फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ.

इस मामले में Anti Corruption Bureau Jharkhand ने 20 मई 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वे जेल में बंद थे.

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी की पीठ ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी जमानत

अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें लगाई हैं. इनमें देश छोड़ने पर रोक, जांच में पूर्ण सहयोग और गवाहों से दूरी बनाए रखने के निर्देश शामिल हैं. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह से गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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