Bihar Politics: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी(Samrat Choudhary) की अंग्रेजी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा अब और तेज हो गयी है. इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने खुलकर उनका पक्ष लिया है. उन्होंने कहा कि किसी नेता की असली ताकत उसकी जनता से संवाद करने की क्षमता होती है, न कि केवल विदेशी भाषा बोलना.
गांव की भाषा बोलने वाले नेता हैं सम्राट
मांझी ने अपने बयान में कहा कि सम्राट चौधरी आम लोगों के बीच रहने वाले नेता हैं और उनकी भाषा भी उसी परिवेश से जुड़ी हुई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भाषा को मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं. उनके अनुसार जनता उस नेता को ज्यादा पसंद करती है, जिसकी बातें सीधे दिल तक पहुंचें.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी वही अंग्रेज़ी बोलते हैं जिसे गाँव जवार के लोग आसानी से समझ लें।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) May 14, 2026
सम्राट चौधरी जी के क़ाबिलियत पर वही लोग सवाल उठा रहें हैं जिन्हें डर है कि वह उनका राजनैतिक भविष्य को ख़त्म कर देंगें।
वैसे उनकी अंग्रेजी का मजाक उड़ाने वाले लोगों से आग्रह है कि…
विरोधियों पर लगाया राजनीतिक हमला
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष सम्राट चौधरी की बढ़ती स्वीकार्यता से परेशान है. इसी वजह से उनके बोलने के अंदाज और अंग्रेजी को लेकर चर्चा छेड़ी जा रही है. मांझी ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के मुद्दे अधिक अहम हैं, न कि किसी की उच्चारण शैली.
पुराने नेताओं का भी दिया उदाहरण
मांझी ने बयान के दौरान Lalu Prasad Yadav और Sonia Gandhi का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में कई बड़े नेता अपनी अलग शैली के कारण पहचाने जाते रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे नेताओं की भाषा को लेकर इतनी चर्चा नहीं होती, तो सम्राट चौधरी को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर बढ़ीं प्रतिक्रियाएं
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज हो गयी है. एनडीए खेमे के नेता लगातार सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं. वहीं विपक्षी समर्थक भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. फिलहाल राजद और कांग्रेस की तरफ से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आयी है.
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