Rajya Sabha Election : मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. चुनावी प्रक्रिया के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. इसी कड़ी में भोपाल में कांग्रेस नेताओं और विधायकों की अहम बैठक आयोजित की गई, जहां आगामी मतदान को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और चुनाव में अनुशासित मतदान सुनिश्चित किया जाएगा.
विधायकों के साथ कांग्रेस की रणनीतिक चर्चा
बैठक में पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को चुनावी प्रक्रिया और मतदान की रणनीति से जुड़े कई पहलुओं से अवगत कराया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए सभी विधायकों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विधायकों को एक साथ रखा जा सकता है, ताकि चुनाव तक संगठनात्मक एकजुटता बनी रहे.
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भाजपा के तीसरे उम्मीदवार ने बढ़ाई हलचल
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने दो उम्मीदवारों के बाद तीसरे प्रत्याशी के रूप में महेश केवट को मैदान में उतार दिया है. इससे पहले पार्टी की ओर से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल नामांकन दाखिल कर चुके हैं. वहीं कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की घोषणा के बाद चुनावी मुकाबले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
विधानसभा का गणित बना चर्चा का विषय
राज्यसभा चुनाव में जीत का आधार विधानसभा में मौजूद विधायकों की संख्या होती है. वर्तमान स्थिति में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि कांग्रेस संख्या के मामले में पीछे है. हालांकि कांग्रेस के पास अपनी उम्मीदवार के लिए आवश्यक समर्थन मौजूद माना जा रहा है, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण पार्टी का प्रभावी आंकड़ा पहले की तुलना में कम हुआ है. यही वजह है कि चुनावी रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
तीसरी सीट पर नजरें टिकीं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है. असली दिलचस्पी तीसरी सीट को लेकर बनी हुई है, जहां संख्या बल और संभावित क्रॉस वोटिंग जैसे कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. भाजपा द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने के बाद तीसरी सीट का मुकाबला और अधिक चर्चाओं में आ गया है.
दोनों दलों ने तेज किए संपर्क अभियान
चुनाव नजदीक आते ही दोनों प्रमुख दल अपने विधायकों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. कांग्रेस जहां अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं भाजपा भी अपने संगठनात्मक समीकरण मजबूत करने में जुटी है. आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
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