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West Bengal Medical College : पश्चिम बंगाल में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर नई पहल शुरू की गई है. राज्य सरकार कालिम्पोंग, अलीपुरदुआर, उत्तर दिनाजपुर और पश्चिम बर्धमान में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इस योजना के तहत प्रत्येक संस्थान में एमबीबीएस की 100 सीटें शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.
उपयुक्त जमीन की तलाश पर जोर
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित जिलों में उपलब्ध सरकारी भूमि का आकलन किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय अधिकारियों से ऐसे भूखंडों की जानकारी मांगी है, जहां मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और छात्रावास जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकें. यदि मौजूदा अस्पताल परिसरों में पर्याप्त स्थान नहीं मिला तो आसपास के क्षेत्रों में वैकल्पिक जमीन की पहचान की जाएगी.
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शिक्षण और उपचार दोनों पर रहेगा फोकस
नई योजना में केवल मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है. प्रस्तावित संस्थानों के साथ बड़े शिक्षण अस्पताल विकसित किए जाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि मेडिकल छात्रों को प्रशिक्षण के साथ मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके.
मानकों के अनुरूप तैयार होगी संरचना
कॉलेज और अस्पताल के निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर तय मानकों को आधार बनाया जाएगा. परिसर में शैक्षणिक भवन, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और चिकित्सा सुविधाओं का समुचित विकास सुनिश्चित करने की तैयारी है. अधिकारियों को यह भी देखने को कहा गया है कि चयनित स्थान भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विस्तार योग्य हों.
तकनीकी जांच के बाद बनेगी अंतिम योजना
जिलों से भूमि संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद विशेषज्ञ टीम चयनित स्थलों का निरीक्षण करेगी. निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर परियोजना का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा. इसके बाद आवश्यक मंजूरियां लेकर निर्माण कार्य की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा.
दूरदराज इलाकों को होगा फायदा
सरकारी स्तर पर माना जा रहा है कि नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से राज्य के कई जिलों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी. साथ ही मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सीटों की संख्या बढ़ने से छात्रों को भी लाभ मिलेगा. विशेष रूप से उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी
राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रही है. इसी क्रम में कुछ पुराने स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके.
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