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बिहार के इस क्षेत्र में 51000 करोड़ से बनेगी अंडरग्राउंड रेल लाइन, चिकन नेक की सुरक्षा होगी मजबूत

Katihar Underground Rail Project के तहत कटिहार रेल डिवीजन में 51 हजार करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा. यह परियोजना किशनगंज होकर गुजरेगी और चिकन नेक की सुरक्षा के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को सुरक्षित रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी.

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Katihar Underground Rail Project: कटिहार रेल डिवीजन के कुमेदपुर से आमबाड़ी फालाकाटा के बीच 51 हजार करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा. पूरी तरह भूमिगत इस रेल परियोजना को सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह रेल मार्ग बिहार के किशनगंज जिले से होकर गुजरेगा. परियोजना का उद्देश्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा मजबूत करने के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को सुरक्षित वैकल्पिक रेल संपर्क उपलब्ध कराना है. परियोजना को वर्ष 2033 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

किशनगंज से होकर गुजरेगा रेल मार्ग

कुमेदपुर स्टेशन पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में है, जबकि आमबाड़ी फालाकाटा जलपाईगुड़ी जिले में स्थित है. दोनों स्टेशनों के बीच बनने वाला भूमिगत रेल मार्ग बिहार के किशनगंज जिले से होकर गुजरेगा. पूरी परियोजना कटिहार रेल डिवीजन की निगरानी में विकसित की जाएगी.

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Katihar Underground Rail Project: चिकन नेक की सुरक्षा होगी मजबूत

सिलीगुड़ी गलियारा देश का सबसे संवेदनशील भू-भाग माना जाता है. यही संकरा हिस्सा मुख्य भारत को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ता है. कई स्थानों पर इसकी चौड़ाई केवल 20 से 25 किलोमीटर है. वर्ष 1947 के बाद इस क्षेत्र का सामरिक महत्व और बढ़ गया. सेना की आवाजाही, व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर करता है.

युद्ध और आपदा में भी नहीं टूटेगा संपर्क

नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और चीन की सीमाओं से घिरे इस इलाके में किसी भी सैन्य तनाव या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में रेल संपर्क प्रभावित होने का खतरा रहता है. इसी को देखते हुए जमीन के नीचे सुरक्षित वैकल्पिक रेल मार्ग तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी परिस्थिति में पूर्वोत्तर राज्यों का संपर्क बाधित न हो.

सीमांचल को भी होगा लाभ

परियोजना पूरी होने के बाद सीमांचल क्षेत्र, खासकर किशनगंज और आसपास के इलाकों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी. माल ढुलाई और व्यापार के लिए सुरक्षित रेल संपर्क उपलब्ध होगा. हर मौसम में निर्बाध परिचालन होने से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था भी मजबूत होगी.

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा

यह परियोजना केंद्र सरकार की भारतमाला योजना, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है. देश की सामरिक जरूरतों को देखते हुए सड़क, रेल और संचार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है.

2033 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के लिए मिट्टी की जांच, भूगर्भीय सर्वे और डिजाइन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है. सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी. सरकार ने वर्ष 2033 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. स्थानीय लोगों और रक्षा विशेषज्ञों ने इसे पूर्वोत्तर की सुरक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है.

मुख्य बिंदु

कटिहार रेल डिवीजन के कुमेदपुर से आमबाड़ी फालाकाटा के बीच बनेगी अंडरग्राउंड रेल लाइन.
परियोजना पर करीब 51 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह किशनगंज होकर गुजरेगी.
चिकन नेक की सुरक्षा मजबूत करने और पूर्वोत्तर राज्यों को सुरक्षित वैकल्पिक रेल संपर्क देने के उद्देश्य से परियोजना तैयार की जा रही है.
सरकार ने वर्ष 2033 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा है.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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