Lalu Yadav Fodder Scam: चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि मामला लंबे समय से लंबित है, इसलिए फिलहाल इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, हाईकोर्ट को अपील पर सुनवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
हाईकोर्ट को छह महीने की समय-सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य दोषियों की लंबित अपीलों पर शीघ्र फैसला होना चाहिए. इसके लिए हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर निर्णय देने का निर्देश दिया गया है.
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ED ने जमानत रद्द करने की थी मांग
प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने की मांग की थी. एजेंसी का तर्क था कि मामले में शीघ्र निर्णय होना चाहिए और जमानत जारी रखने का आधार अब नहीं बचता. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील से सहमति नहीं जताई.
Lalu Yadav Fodder Scam: 2018 में हुई थी दोषसिद्धि
चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव समेत अन्य आरोपियों को वर्ष 2018 में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की. यह अपील अब भी लंबित है और अंतिम निर्णय आना बाकी है.
2021 से जमानत पर हैं लालू प्रसाद
अपील पर सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण वर्ष 2021 में लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली थी. अदालत ने तब कहा था कि अपील का अंतिम फैसला आने तक उन्हें जमानत पर रहने की अनुमति रहेगी. इसी आदेश को चुनौती देते हुए ED सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली.
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