JPSC Student Protest: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर दो सप्ताह से जारी आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. 14 दिनों तक सड़कों पर प्रदर्शन करने के बाद शुक्रवार को आंदोलनकारी छात्र पहली बार सरकार के साथ औपचारिक बातचीत की टेबल पर बैठे. रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में शुरू हुई इस वार्ता में छात्र अपने मांग पत्र के प्रत्येक बिंदु पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक के नतीजे से आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी.
समाधान की कोशिश या आंदोलन का नया मोड़?
शुक्रवार शाम सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता शुरू हुई. सरकार की ओर से चार मंत्रियों और अपर मुख्य सचिव की मौजूदगी में छात्रों की मांगों पर चर्चा की जा रही है. छात्र प्रतिनिधिमंडल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच, परीक्षा सुधार और अन्य मुद्दों को क्रमवार सरकार के सामने रख रहा है. दोनों पक्षों के बीच बातचीत देर रात तक चलने की संभावना जताई जा रही है.
10 दिन बाद सरकार ने बढ़ाया वार्ता का हाथ, आज छात्रों से होगी बातचीत
तय समय से स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे दोनों प्रतिनिधिमंडल
बैठक के लिए सरकार का प्रतिनिधिमंडल शाम 7.23 बजे स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जबकि छात्र प्रतिनिधिमंडल करीब 7.45 बजे वहां पहुंचा. इसके बाद बंद कमरे में वार्ता शुरू हुई. बैठक को देखते हुए पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. दोनों प्रतिनिधिमंडलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है.
14वें दिन सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने बातचीत की पहल की. एसडीएम की मौजूदगी में तीन वाहनों से छात्र प्रतिनिधियों को स्टेट गेस्ट हाउस लाया गया, जहां सरकार के साथ औपचारिक वार्ता शुरू हुई. सरकार का प्रयास बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकालने का है, जबकि छात्र ठोस फैसले की उम्मीद लेकर बैठक में पहुंचे हैं.
छात्रों ने पहले ही तय कर दिया था अपना प्रतिनिधिमंडल
वार्ता से पहले आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अंतिम सूची जारी कर दी थी. छात्रों का कहना है कि प्रतिनिधियों का चयन सभी अभ्यर्थियों की सहमति से किया गया है, ताकि आंदोलन से जुड़ी सभी मांगों को मजबूती के साथ सरकार के सामने रखा जा सके.
बैठक के नतीजे पर टिकी हैं सभी की निगाहें
छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और वार्ता के जरिए समाधान की उम्मीद कर रहे हैं. दूसरी ओर सरकार का भी कहना है कि वह छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुन रही है. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि बैठक से क्या निष्कर्ष निकलता है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है.
दिन में कमेटी की चर्चा, रात में वित्त मंत्री का बड़ा खुलासा- वार्ता के लिए कोई समिति नहीं
सरकार की ओर से ये प्रतिनिधि वार्ता में शामिल
- मंत्री दीपिका पांडे सिंह
- मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
- मंत्री चमरा लिंडा
- मंत्री संजय यादव
- अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
- छात्रों की ओर से ये 10 प्रतिनिधि पहुंचे
- रवीन्द्र पासवान
- पीयूष कुमार
- राजेश प्रसाद
- नीतू कुजूर
- अंकित राज
- कार्तिक सोरेन
- शालू कुमारी
- रवींद्र कुमार रवि
- आनंद कुमार
- अंकित कुमार
इन मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं छात्र
- 14वीं JPSC परीक्षा में कथित कदाचार को देखते हुए पीटी परीक्षा परिणाम रद्द किया जाए.
- जिन अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उन्हें भी रद्द किया जाए.
- भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए.
- कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए.
सरकार का अब तक क्या है पक्ष?
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है. जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. सरकार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा है कि उनकी मांगों के प्रति वह संवेदनशील है और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
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