Bharat Tiwari Encounter Case : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद बिहार सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और एक परिजन को सरकारी नौकरी भी मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार यह कदम उठा रही है.
2027 युवाओं का सरकारी सेवा में प्रवेश, CM बोले- ईमानदारी से आगे बढ़ेगा बिहार
Bharat Tiwari Encounter Case : पुलिस कार्रवाई में हुई थी भरत तिवारी की मौत
भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हुई थी. पुलिस के मुताबिक, भरत ने पुलिस टीम पर अवैध हथियार से हमला किया था. इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से गोली चलायी गयी.
शिकार करने आए थे, खुद बन गए शिकार… पटना में सुपारी किलर की पीट-पीटकर हत्या
वहीं, भरत के परिवार और कुछ ग्रामीणों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाये थे. उनका आरोप था कि यह कथित फर्जी एनकाउंटर था. इसके बाद मामले की जांच की मांग उठी और जांच आयोग का गठन किया गया.
24 जुलाई को परिजनों से मिले थे सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 जुलाई को भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की थी. भरत की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी थी.
परिजनों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था. उन्होंने कहा था कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.
अब आयोग की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है.
STF जवान की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने उसे एनकाउंटर में शामिल होने के मामले में गिरफ्तार किया है.
तत्कालीन SHO राजेश मालाकार पर भी कार्रवाई की गयी थी. उन्हें सस्पेंड किया गया. बाद में राजेश शर्मा को पटना में मद्य निषेध विभाग में डीएसपी की जिम्मेदारी दी गयी, लेकिन भरत तिवारी के परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्हें फिर लाइन क्लोज कर दिया गया.
जगदीशपुर के तत्कालीन SDM संजीत कुमार को भी पद से हटाकर पटना मुख्यालय से अटैच किया गया है.
इसे भी पढ़ें-



