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India vs Netherlands: आधे मैच तक भारत हावी, फिर 10 मिनट में पलट गया खेल; नीदरलैंड्स ने 3-1 से जीता मुकाबला

India vs Netherlands: 30 मिनट तक मैच भारत के नियंत्रण में रहा, लेकिन स्कोरबोर्ड खाली रहा. दूसरे हाफ में नीदरलैंड्स ने काउंटर-अटैक से तीन गोल दागकर मुकाबला पलट दिया. हरमनप्रीत सिंह के गोल के बावजूद भारत को 3-1 की हार झेलनी पड़ी, जिससे सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई.

Edited By :Soni Kumari
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India vs Netherlands: 30 मिनट तक मैच भारत के नियंत्रण में रहा, लेकिन स्कोरबोर्ड खाली रहा. दूसरे हाफ में नीदरलैंड्स ने काउंटर-अटैक से तीन गोल दागकर मुकाबला पलट दिया. हरमनप्रीत सिंह के गोल के बावजूद भारत को 3-1 की हार झेलनी पड़ी, जिससे सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई.

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India vs Netherlands: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत और नीदरलैंड्स के बीच मुकाबला लंबे समय तक टीम इंडिया के नियंत्रण में दिखाई दिया, लेकिन मैच का दूसरा हाफ भारतीय उम्मीदों पर भारी पड़ गया. पहले हाफ में गेंद पर दबदबा बनाने और डच टीम को गोल से दूर रखने वाला भारत दूसरे हाफ में नीदरलैंड्स के काउंटर-अटैक के सामने कमजोर पड़ गया. नतीजा यह रहा कि 0-0 से शुरू हुआ मैच कुछ ही देर में 2-0 और फिर 3-1 के स्कोर तक पहुंच गया.

भारत ने एक गोल से वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन नीदरलैंड्स ने दबाव के बीच अपना डिफेंस नहीं टूटने दिया. कप्तान हरमनप्रीत सिंह का गोल भी टीम को हार से नहीं बचा सका.

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पहला हाफ भारत के नाम, लेकिन गोल नहीं

मैच की शुरुआत से ही भारत ने नीदरलैंड्स को पीछे धकेल दिया था. भारतीय खिलाड़ियों ने तेज पासिंग और लगातार आक्रमण के जरिए गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा. शुरुआती 11 मिनट में भारत का बॉल पजेशन करीब 78 फीसदी रहा.

अभिषेक ने शुरुआती दौर में ही गोल का मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बेहद करीब से निकल गया. भारत लगातार डच सर्किल में पहुंचता रहा, मगर सबसे बड़ी कमी फिनिशिंग में दिखाई दी.

दूसरी ओर, नीदरलैंड्स ने पहले हाफ में कुछ मौके बनाए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने खतरे को टाल दिया. 30 मिनट के खेल के बाद स्कोर 0-0 था.

ब्रेक के बाद नीदरलैंड्स ने बदली रणनीति

हाफ टाइम के बाद मुकाबले का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला. नीदरलैंड्स ने गेंद पर कब्जे की लड़ाई में उलझने के बजाय भारत के आक्रमण को ही उसके खिलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया.

भारतीय टीम जैसे ही आगे बढ़ती, डच खिलाड़ी खाली जगह तलाशकर तेज काउंटर-अटैक करने लगे. इसी रणनीति से पहला गोल आया. तीजमेन रेयेंगा के रिवर्स हिट पर ड्युको टेलगेनकैंप ने करीब से फ्लिक कर गेंद गोल में पहुंचा दी.

भारत जिस टीम को पहले हाफ में गोल का मौका नहीं दे पाया था, वही नीदरलैंड्स अब 1-0 से आगे था.

एक गलती और भारत दो गोल पीछे

पहले गोल के बाद भारत ने बराबरी के लिए आगे बढ़ना जारी रखा. लेकिन यही आक्रामकता उसके लिए परेशानी बन गई.

जोरिट क्रून ने खाली जगह में थाइस वैन डैम को गेंद पहुंचाई. भारतीय गोलकीपर खतरा भांपकर आगे आए, लेकिन वैन डैम ने गेंद को उनके ऊपर से उठाकर खाली गोलपोस्ट में डाल दिया.

कुछ ही समय में नीदरलैंड्स ने 2-0 की बढ़त बना ली. भारत के लिए मैच का सबसे बड़ा संकट यही था कि पहले हाफ में बनाया गया दबाव अब उसके पक्ष में स्कोर में तब्दील नहीं हुआ, जबकि नीदरलैंड्स ने सीमित मौकों का पूरा फायदा उठाया.

हरमनप्रीत ने संभाली कमान, भारत लौटा मैच में

दो गोल से पिछड़ने के बावजूद भारत ने मुकाबला नहीं छोड़ा. राजिंदर सिंह की कोशिश से पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जिम्मेदारी संभाली.

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पहली ड्रैग-फ्लिक डच खिलाड़ी के पैर से टकराई, जिससे भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला. दूसरी कोशिश में हरमनप्रीत ने बेहद तेज और नीची ड्रैग-फ्लिक लगाई, जिसे गोलकीपर रोक नहीं सके.

स्कोर 1-2 हुआ तो भारतीय टीम में फिर से ऊर्जा दिखाई दी. अब मुकाबला एक गोल के अंतर का था और भारत बराबरी की तलाश में लगातार आगे बढ़ रहा था.

बराबरी से पहले ही फिर लगा झटका

भारत के हमले बढ़ते जा रहे थे, लेकिन नीदरलैंड्स ने दबाव में घबराने के बजाय फिर वही हथियार इस्तेमाल किया, जिसने उसे पहले दो गोल दिलाए थे.

एक और तेज काउंटर-अटैक के जरिए डच टीम भारतीय डिफेंस को चीरते हुए गोल तक पहुंच गई. तीसरा गोल होते ही स्कोर 3-1 हो गया और भारत की वापसी बेहद मुश्किल हो गई.

अंतिम मिनटों में भारत ने हमले किए, लेकिन नीदरलैंड्स की रक्षापंक्ति ने कोई बड़ी गलती नहीं की. आखिरी सीटी के साथ नीदरलैंड्स ने 3-1 से मुकाबला जीत लिया.

भारत की हार का असली कारण क्या रहा?

इस मैच में भारत की सबसे बड़ी समस्या मौके बनाने की नहीं, बल्कि उन्हें गोल में बदलने की रही. पहले हाफ में टीम ने गेंद पर नियंत्रण रखा, आक्रमण किया और नीदरलैंड्स को दबाव में रखा, लेकिन स्कोरबोर्ड पर इसका फायदा नहीं दिखा.

नीदरलैंड्स ने इसके उलट कम मौकों में ज्यादा प्रभाव दिखाया. दूसरे हाफ में उसकी काउंटर-अटैक रणनीति भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी. यही रणनीति मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

अब भारत के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने की चुनौती और कठिन हो गई है. आगामी मुकाबलों में जीत के साथ गोल अंतर भी अहम भूमिका निभाएगा. दूसरे मैचों के नतीजे भी भारत की सेमीफाइनल की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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