Bhagalpur Nagar Nigam: भागलपुर नगर निगम की योजना शाखा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. इस बार निशाने पर कोई एक योजना नहीं, बल्कि वर्षों में कराये गये विभागीय और टेंडर वाले दर्जनों विकास कार्य हैं. पार्षद संघ और पार्षद एकता मंच ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर स्वतंत्र ऑडिट, भौतिक सत्यापन और सभी भुगतान अभिलेख सार्वजनिक करने की मांग उठायी.
मंच ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभियान नहीं है. उनका उद्देश्य केवल यह पता लगाना है कि सरकारी राशि से स्वीकृत कार्य धरातल पर उसी गुणवत्ता और मात्रा में हुए या नहीं.
योजना शाखा के पूरे रिकॉर्ड की जांच की मांग
पार्षदों ने मांग की कि योजना शाखा के माध्यम से कराये गये सभी विभागीय और निविदा कार्यों की फाइलें खोली जाएं. नगर सौंदर्यीकरण, विसर्जन घाट पर कृत्रिम तालाब, बैरिकेडिंग और अन्य योजनाओं के प्राक्कलन, प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, मापी पुस्तिका, सामग्री खरीद और भुगतान रिकॉर्ड की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करायी जाये.
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साथ ही कार्यपालक अभियंता अरुण गुप्ता के माध्यम से कराये गये कार्यों तथा संबंधित एजेंसियों की सूची भी सार्वजनिक करने की मांग रखी गयी.
155 सोख्ता निर्माण के 62 लाख रुपये पर उठे सवाल
प्रेस वार्ता में सबसे बड़ा मुद्दा विभिन्न वार्डों में 155 चापाकलों के पास बने सोख्ता का रहा. मंच का दावा है कि प्रति सोख्ता करीब 40 हजार रुपये की दर से लगभग 62 लाख रुपये खर्च किये गये.
पार्षदों ने कहा कि हर स्थल का स्वतंत्र अभियंताओं से भौतिक सत्यापन कराया जाये और यह देखा जाये कि निर्माण वास्तव में हुआ या नहीं. साथ ही गुणवत्ता और भुगतान का मिलान भी सार्वजनिक रिपोर्ट में शामिल किया जाये.
12-13 साल के कार्यकाल की भी हो पड़ताल
मंच ने योजना शाखा के एक प्रभारी की करीब 12 से 13 वर्षों की पदस्थापना और उससे जुड़े ठेकेदारी मामलों की दस्तावेज आधारित जांच की मांग की. वहीं दूसरे प्रभारी के लगभग नौ वर्षों के कार्यकाल, जेम पोर्टल के जरिये हुए कार्यों और योजना शाखा में दिये गये प्रभार की भी समीक्षा कराने की बात कही गयी.
इसके अलावा मो. रेहान की अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित पूर्व जांच के दस्तावेजों को सक्षम स्तर पर सत्यापित करने की मांग भी उठी.
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सड़क निर्माण और दंड आदेश भी जांच के दायरे में
पार्षदों ने वार्ड 27 के मंडल टोला में पीसीसी सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी भराई, लेवल और 10 प्रतिशत दंड से जुड़े आदेशों की जांच कराने की मांग की. मिरजानहाट मेन रोड से बरसलीगंज तक बनी सड़क की गुणवत्ता, जांच रिपोर्ट और भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की भी मांग रखी गयी.
दोष साबित हो तो वसूली, सही मिले तो क्लीन चिट
पार्षद एकता मंच ने कहा कि योजना शाखा की सभी फाइलों, भुगतान, मापी पुस्तिकाओं और कार्यों की वर्तमान स्थिति का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाये. यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है तो सरकारी राशि की वसूली और विधिसम्मत कार्रवाई हो. वहीं यदि सभी कार्य नियमसम्मत पाये जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों को भी जांच के आधार पर स्पष्ट क्लीन चिट दी जाये.
प्रेस वार्ता में पार्षद संघ अध्यक्ष अनिल पासवान, स्थायी समिति सदस्य संजय सिन्हा, अश्वनी जोशी मोन्टी, निकेश यादव, बबीता देवी, अभिषेक मिश्रा, मनीष यादव, संध्या गुप्ता, पंकज गुप्ता, गोपाल कुमार, दीपक शाह समेत कई पार्षद और प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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