इस खबर में क्या है?
Thermal Power Plant : पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट को गंगा के पानी से जोड़ने की कवायद अब जमीन पर उतरने लगी है. प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 17 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछायी जायेगी. इसके लिए कहलगांव और पीरपैंती अंचल के नौ मौजों में 34.92135 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जायेगी. जिला भूअर्जन कार्यालय ने बिहार भूमिगत पाइपलाइन के अधिकार नियम के तहत इसकी अधिसूचना जारी कर दी है.
अधिसूचना जारी होते ही चिह्नित जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लग गयी है. अब संबंधित रैयत सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बिना इन जमीनों का हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाइपलाइन के जरिये गंगा का पानी सीधे थर्मल पावर प्लांट तक पहुंचाया जायेगा.
गंगा की चाल हुई तेज, भागलपुर में 40 सेमी बढ़ा जलस्तर; कहलगांव डेंजर लेवल के ऊपर
Thermal Power Plant : नौ मौजों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में
पाइपलाइन के लिए चिह्नित 34.92135 एकड़ जमीन में कहलगांव अंचल के आठ और पीरपैंती अंचल के एक मौजा की जमीन शामिल है. इन सभी मौजों का सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अधिसूचना जारी की गयी है.
चिह्नित भूमि में भीठ-2, भिन्डी, सड़क, सड़क रेलवे और रास्ता सहित अलग-अलग श्रेणी की जमीन शामिल है. अधिसूचना में रास्ता श्रेणी की जमीन को भारत सरकार में निहित बताया गया है.
422 रैयतों की जमीन होगी प्रभावित
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से दोनों अंचलों के कुल 422 रैयत प्रभावित होंगे. इनमें कहलगांव के 225 रैयतों की 22.2968 एकड़ और पीरपैंती के 197 रैयतों की 12.63155 एकड़ जमीन शामिल है.
| अंचल | रैयत | अधिग्रहण वाली जमीन |
|---|---|---|
| कहलगांव | 225 | 22.2968 एकड़ |
| पीरपैंती | 197 | 12.63155 एकड़ |
| कुल | 422 | 34.92135 एकड़ |
जमीन बेचने या हस्तांतरित करने पर लगी रोक
अधिसूचना के बाद चिह्नित जमीन के स्वामित्व में बदलाव पर विशेष पाबंदी रहेगी. संबंधित रैयत सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बिना जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित नहीं कर सकेंगे.
भागलपुर : 62 लाख के सोख्ता से सड़क निर्माण तक, नगर निगम की योजना शाखा पर उठे सवाल
हालांकि, पाइपलाइन के लिए जमीन लिये जाने पर किसी रैयत या अन्य संबंधित व्यक्ति को आपत्ति है तो वह सक्षम प्राधिकार सह जिला भूअर्जन पदाधिकारी के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है. निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियों पर विचार करने के बाद भूअर्जन की अगली कार्रवाई की जायेगी.
गंगा किनारे बनेगा इंटेक पंप हाउस
सिर्फ पाइपलाइन ही नहीं, जलापूर्ति व्यवस्था के लिए गंगा किनारे इंटेक पंप हाउस भी बनाया जायेगा. इसके लिए बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है. जमीन की व्यवस्था के लिए 27.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं.
परियोजना से जुड़े अलग-अलग कार्यों में समन्वय के लिए पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
प्लांट के अंदर नहीं होगी पानी के लिए बोरिंग
पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट के प्लांट एरिया में पानी निकालने के लिए कोई बोरिंग नहीं की जायेगी. निर्माण के दौरान आवश्यक पानी की व्यवस्था आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की जायेगी.
प्लांट तैयार होने के बाद इसकी स्थायी जलापूर्ति गंगा नदी पर निर्भर होगी. संचालन के बाद प्लांट को गंगा से 42 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराने की योजना है. इसके लिए 17 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन और इंटेक पंप हाउस को जलापूर्ति व्यवस्था की मुख्य कड़ी बनाया जायेगा.
परियोजना के लिए अहम कदम
भूमि की पहचान और अधिसूचना जारी होने के साथ पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गयी है. अब आपत्तियों के निस्तारण और नियमानुसार भूअर्जन की कार्रवाई के बाद पाइपलाइन बिछाने का रास्ता साफ होगा.



