Bhagalpur News : भागलपुर जिले में शनिवार को अदालत से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अहम फैसले आये. बुद्धूचक थाना क्षेत्र के घोरघट्टा गांव में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या के मामले में कोर्ट ने उसके पति अमित ठाकुर को दोषी करार दिया. वहीं, जगदीशपुर थाना कांड संख्या 155/24 में हथियार बरामदगी के मामले में तीन अभियुक्तों को आर्म्स एक्ट के तहत दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनायी गयी.
छह माह बाद ही उजड़ गयी थी लक्ष्मी की जिंदगी
घोरघट्टा गांव निवासी अमित ठाकुर पर अपनी पत्नी लक्ष्मी उर्फ ललिता की दहेज के लिए हत्या करने का आरोप था. कोर्ट ने उसे दहेज हत्या से संबंधित धाराओं में दोषी माना है. हालांकि सजा कितनी होगी, इस पर अगली तारीख को सुनवाई होगी.
मामले की प्राथमिकी लक्ष्मी की मां और एकचारी के बड़ी चटैया निवासी प्रमोद ठाकुर की पत्नी पिंकी देवी ने बुद्धूचक थाने में दर्ज करायी थी. परिजनों के अनुसार लक्ष्मी की शादी घटना से करीब छह माह पहले अमित ठाकुर से हुई थी.
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दो लाख रुपये और बाइक की मांग का आरोप
परिजनों का आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मायके वाले मांग पूरी नहीं कर सके.
आरोप है कि इसी वजह से 11 अक्टूबर 2024 को लक्ष्मी उर्फ ललिता की फांसी लगाकर हत्या कर दी गयी. घटना के बाद उसकी मां ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
हथियार के साथ पकड़े गये तीनों को दो-दो साल की सजा
दूसरे मामले में जगदीशपुर थाना कांड संख्या 155/24 में अदालत ने मो. अफताब, मो. हसनैन और मो. इरफान को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनायी.
तीनों जगदीशपुर थाना क्षेत्र के नया टोला के रहने वाले हैं. कोर्ट ने प्रत्येक अभियुक्त पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं भरने पर प्रत्येक को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस, भागते तीनों पकड़े गये
मामला 20 जून 2024 का है. जगदीशपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष गणेश कुमार को सूचना मिली थी कि मुस्तफापुर में कुछ अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जमा हुए हैं.
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां छापेमारी की. पुलिस को देखते ही तीनों आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान हसनैन के पास से एक देशी कट्टा बरामद हुआ, जबकि मो. अफताब और मो. इरफान के पास से एक-एक जिंदा कारतूस मिला था. इसी मामले में चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी.



