Patna Teacher Constituency : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया के बीच आज 6 अक्टूबर को नामांकन का अंतिम दिन है. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की प्रत्याशी डॉ दिव्या ज्योति आज नामांकन करेंगी. प्रशांत किशोर ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया है. दिव्या ज्योति के मैदान में उतरने के साथ पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के बीच त्रिकोणीय हो गया है.
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तीन दल, तीन चेहरे और एक शिक्षक सीट
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने प्रो. नवल किशोर यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर करीब 30 वर्षों से उनका दबदबा रहा है. ऐसे में बीजेपी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है.
वहीं आरजेडी ने डॉ. संजीव कुमार सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है. दूसरी ओर जन सुराज ने दिव्या ज्योति को मैदान में उतारा है. इस तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीन अलग-अलग राजनीतिक खेमों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं.
पहली बार मैदान में जन सुराज, प्रचार की कमान प्रशांत किशोर के हाथ
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पहली बार चुनाव लड़ रहा है. पार्टी की प्रत्याशी दिव्या ज्योति के लिए खुद प्रशांत किशोर प्रचार के मैदान में उतर चुके हैं.
जन सुराज की चर्चा की एक वजह बांकीपुर सीट का चुनाव भी है. वहां बीजेपी का लंबे समय से दबदबा माना जाता था, लेकिन प्रशांत किशोर ने जीत हासिल की. अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी जन सुराज की मौजूदगी के बीच मुकाबले पर नजर है.
हालांकि इस सीट पर बीजेपी के नवल किशोर यादव का पुराना आधार है और आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार सिंह भी जाने-माने राजनीतिक चेहरे हैं. ऐसे में तीनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में शिक्षक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण रहेगा.
पहले निर्दलीय लड़ने वाली थीं दिव्या ज्योति
दिव्या ज्योति की राजनीतिक यात्रा भी इस चुनाव में चर्चा का हिस्सा है. मिली जानकारी के मुताबिक, वह पहले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली थीं. बाद में उन्होंने जन सुराज का दामन थामा और पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बना दिया.
दिव्या ज्योति मूल रूप से पटना के बाढ़ की रहने वाली हैं. वह चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और चाणक्य फाउंडेशन की सीईओ भी हैं.
25 साल का शिक्षा क्षेत्र का अनुभव
दिव्या ज्योति के पास शिक्षा क्षेत्र में करीब 25 वर्षों का अनुभव बताया जा रहा है. वह शिक्षकों के अधिकार, गर्ल्स एजुकेशन और आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के उत्थान से जुड़े काम करती रही हैं.
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शिक्षकों से जुड़े मुद्दों में पुरानी पेंशन नीति और समान वेतन जैसे विषय भी उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं. जन सुराज ने इसी शैक्षणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर उन्हें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है.
शिक्षक वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश
जन सुराज की कोशिश इस चुनाव में शिक्षक मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की है. पार्टी की ओर से ऐसे वोटरों के बीच पकड़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जो मौजूदा सरकारी व्यवस्था से नाराज हैं.
इसके साथ भूमिहार के अलावा सवर्ण और शिक्षित वोटरों के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. अब दिव्या ज्योति के नामांकन के बाद पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच चुनावी मुकाबला और स्पष्ट रूप से सामने आएगा.
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