JDU dispute : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जदयू के लिए अब सिर्फ उम्मीदवार को जिताने की चुनौती नहीं रह गया है. पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ उसी दल के विधायक अनंत सिंह के खुलकर मैदान में आने से संगठन के सामने दोहरी स्थिति बन गयी है. एक तरफ नीरज कुमार पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ अनूज कुमार के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें-सिंगापुर से रोहिणी की वापसी के बाद RJD में नई जिम्मेदारी की चर्चा, लालू के बुलावे ने बढ़ाई हलचल
यानी जिस सीट पर जदयू को अपने प्रत्याशी के पक्ष में संगठन को एकजुट रखना है, वहीं पार्टी के भीतर का मतभेद सार्वजनिक रूप से चुनावी मैदान में दिखाई दे रहा है.
इस विवाद को खत्म करने के लिए पार्टी ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को जिम्मेदारी सौंपी थी. जदयू की तीन दिनों तक चली मैराथन बैठक के बाद उन्हें अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद संभालने की जिम्मेदारी दी गयी थी.
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी कहा था कि ललन सिंह पूरे मामले को देख रहे हैं. लेकिन अब ललन सिंह के बयान से विवाद सुलझाने की कोशिश का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है.
JDU dispute : जिस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी मिली, उसमें अब दोनों की सहमति जरूरी
लखीसराय में एक कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह ने कहा कि वह दो लोगों के झगड़े में नहीं पड़ते. उन्होंने कहा कि वह विकास के काम में विश्वास करते हैं और आज तक अपने गांव का झगड़ा तक नहीं सुलझाया है.
हालांकि, ललन सिंह ने यह भी साफ किया कि अगर अनंत सिंह और नीरज कुमार दोनों सुलह के लिए तैयार होते हैं तो उन्हें समझौता कराने में कोई परेशानी नहीं होगी. उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि वह मौजूदा स्थिति में किसी एक पक्ष के बीच जाकर विवाद खत्म कराने के बजाय दोनों नेताओं की सहमति का इंतजार करेंगे.
नीरज चुनाव मैदान में, अनंत ने डॉ अनूज के लिए संभाली कमान
इस बीच नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और चुनाव प्रचार में उतर गये हैं. वह लगातार मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर अपनी तैयारी आगे बढ़ा रहे हैं.
दूसरी ओर अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख खुलकर सामने रखा है. वह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ अनूज कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. अनंत सिंह का कहना है कि नीरज कुमार को हराने के लिए वह हरसंभव कोशिश करेंगे.
यही आमने-सामने की स्थिति पटना स्नातक सीट के चुनाव को जदयू के लिए अलग तरह का मामला बना रही है. यहां मुकाबला सिर्फ अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों के बीच नहीं दिख रहा, बल्कि जदयू के भीतर के दो नेताओं के अलग-अलग रुख भी चुनावी मैदान में सामने हैं.
अनंत सिंह पर कार्रवाई का सवाल अब भी कायम
अनंत सिंह के खुले विरोध के बावजूद जदयू की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी का ही विधायक दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहा है, लेकिन संगठन की ओर से अब तक कोई कड़ी कार्रवाई सामने नहीं आयी है.
ऐसे में जदयू के सामने यह सवाल भी बना हुआ है कि इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा या पार्टी स्तर पर कोई संगठनात्मक फैसला लिया जाएगा. फिलहाल ललन सिंह के बयान के बाद सुलह की पहल भी दोनों नेताओं की सहमति पर टिक गयी है.
इसे भी पढ़ें-जन सुराज को बड़ा झटका, भूषण झा ने लौटाया टिकट; तिरहुत शिक्षक सीट पर बदला उम्मीदवार
पटना सीट से ज्यादा अब जदयू की अंदरूनी स्थिति पर नजर
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी टकराव ने जदयू के सामने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिसमें पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का चुनाव अभियान और पार्टी के ही विधायक का अलग प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार साथ-साथ चल रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे अहम बात यह होगी कि जदयू नेतृत्व इस मतभेद को किस तरह संभालता है. ललन सिंह के बयान के बाद गेंद फिलहाल अनंत सिंह और नीरज कुमार की ओर जाती दिख रही है. दोनों में सुलह की पहल होती है या विवाद इसी तरह चुनावी मैदान तक पहुंचा रहता है, इस पर अब पार्टी की अगली रणनीति निर्भर करेगी.
इसे भी पढ़ें-



