Rupi Soren Passed Away : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन हो गया है. करीब तीन सप्ताह से अधिक समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझने के बाद 7 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. इस दौरान उनकी हालत कई बार गंभीर हुई और फिर सुधार भी आया. 20 सितंबर को वह बेहोश हो गई थीं, लेकिन 25 सितंबर के बाद स्थिति में सुधार हुआ और 30 सितंबर को उन्हें होश भी आया.
इसके बाद 5 अक्टूबर को फिर तबीयत बिगड़ी और अगले दो दिनों में हालत बेहद नाजुक हो गई. मां के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा, “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं. आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं. माँ….”
बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं। आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।माँ….
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 7, 2026
17 सितंबर से शुरू हुआ था तबीयत बिगड़ने का सिलसिला
रूपी सोरेन पहले से किडनी और पेट से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही थीं. उन्हें शुगर और बीपी की समस्या भी थी. किडनी की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनका नियमित डायलिसिस चल रहा था. इसी बीच 17 सितंबर की देर रात आवास पर उनकी तबीयत बिगड़ गई.
इसे भी पढ़ें-रूपी सोरेन की तबीयत खराब, हिलव्यू हॉस्पिटल में इलाज जारी; हेमंत सोरेन ने डॉक्टरों से ली जानकारी
18 सितंबर की सुबह उन्हें हिल व्यू अस्पताल लाया गया. अगले दिन 19 सितंबर को उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया. 20 सितंबर को उनकी हालत और बिगड़ी और वह अचानक बेहोश हो गई थीं.
इलाज के बीच आई सुधार की खबर
गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बीच इलाज का असर भी देखने को मिला. 25 सितंबर को उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने लगा था. इसके बाद 30 सितंबर को रूपी सोरेन को होश आया.
हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी. अक्टूबर की शुरुआत में उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी और परिवार को दोबारा चिंता में डाल दिया.
5 अक्टूबर के बाद फिर नाजुक हुई हालत
रूपी सोरेन की स्थिति 5 अक्टूबर को दोबारा खराब हो गई. 6 अक्टूबर को डॉक्टरों की टीम लगातार उन्हें स्वस्थ करने के प्रयास में लगी रही.
इसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई. डॉक्टरों के प्रयासों के बीच रात करीब 8:30 बजे उनका निधन हो गया.
ऐसे बदली रूपी सोरेन की तबीयत
- 17 सितंबर: आवास में देर रात तबीयत बिगड़ गयी थी.
- 18 सितंबर: सुबह उन्हें हिल व्यू अस्पताल लाया गया.
- 19 सितंबर: ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया.
- 20 सितंबर: अचानक बेहोश हो गयी थीं.
- 25 सितंबर: इलाज के प्रयासों के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने लगा था.
- 30 सितंबर: रूपी सोरेन को होश आया था.
- 5 अक्टूबर: उनकी स्थिति दोबारा खराब हो गयी.
- 6 अक्टूबर: डॉक्टरों की टीम उन्हें स्वस्थ करने के प्रयास में लगी रही.
- 7 अक्टूबर: उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गयी और रात करीब 8:30 बजे उनका निधन हो गया.
मां के जाने पर हेमंत सोरेन का दर्द छलका
रूपी सोरेन के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपनी मां को याद किया. उन्होंने लिखा, “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं. आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं. माँ….”
मुख्यमंत्री का यह संदेश मां के साथ उनके गहरे भावनात्मक रिश्ते को सामने लाता है. कुछ समय पहले ही हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को खोया था. पिता के निधन के बाद मां उनके लिए परिवार की सबसे बड़ी भावनात्मक छांव थीं.
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बीमारी से लगातार जूझ रही थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन की सेहत लंबे समय से ठीक नहीं थी. किडनी और पेट से जुड़ी समस्या के साथ वह शुगर और बीपी की परेशानी से भी जूझ रही थीं. किडनी की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नियमित डायलिसिस चल रहा था.
बीमारी के बीच उनकी हालत में सुधार और गिरावट का सिलसिला चलता रहा. आखिरकार 7 अक्टूबर की रात उनका निधन हो गया और इसके साथ हेमंत सोरेन ने अपनी मां को भी खो दिया.
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